“पावन भंडारे में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दयालबाग में कृषि सेवा से कव्वाली तक आध्यात्मिक उल्लास..

पंच👊नामा
ज्योति एस, दयालबाग (आगरा); राधास्वामी मत के आद्य प्रवर्तक, संस्थापक एवं प्रथम संत सतगुरु परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज के पावन जन्म दिवस/जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को दयालबाग में श्रद्धा, प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक उल्लास के बीच पावन भंडारा आयोजित किया गया। प्रातःकाल से लेकर सायंकाल तक कृषि सेवा, आरती, विशेष पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कव्वाली के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में सत्संगी भाई-बहनों एवं बच्चों ने सहभागिता की।
दयालबाग के फलबाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परम पूज्य गुरु महाराज प्रोफेसर प्रेम सरन सत्संगी साहब एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी ने परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज तथा परम गुरु हुजूर डा. एम. बी. लाल साहब के पावन स्वरूपों के समक्ष माथा टेका। प्रातःकालीन आरती में तीन विशेष पाठ हुए, जिसमें परम आदरणीय रानी साहिबा जी ने भी सहभागिता की।
संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि पीटी, आत्मरक्षा एवं सुरक्षा-सावधानियों से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। आरती के बाद प्रसाद के रूप में इलायची दाना और मुरमुरे वितरित किए गए।
सायंकालीन पावन भंडारे में विशेष पाठ के साथ कव्वाली की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। “पन्नी गली से हुआ तुलू, सच्चे खुदा का आफताब…” शीर्षक कव्वाली ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का ई-कैस्केड के माध्यम से देश-विदेश की करीब 580 सत्संग शाखाओं में सजीव प्रसारण किया गया।
उधर, दिल्ली की स्वामी नगर, शाहदरा, जनकपुरी, विनय नगर, पुरानी दिल्ली, रमेश नगर, नारायणा, नई दिल्ली और करोल बाग सहित सभी नौ शाखाओं में भी विशेष आयोजन हुए। दिल्ली राधास्वामी सत्संग एसोसिएशन के सचिव डा. एम.एस. भारद्वाज ने बताया कि जन्माष्टमी के साथ चल रहा भंडारा सप्ताह छह सितंबर तक जारी रहेगा।



