अपराधउत्तराखंड

“एक प्रेमी ने दी मौत की धमकी, दूसरे ने हाथ मे थमाया पेट्रोल, सरस्वती ने यूं लगाई खुद को आग, पुलिस ने खोला खुदकुशी का राज़..

एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपी हुए गिरफ्तार..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
ऊधमसिंह नगर: प्रेम संबंध में आई दरार, रिश्तों की उलझन और एक दूसरे युवक की सरस्वती को अपना बनाने की चाहत ने आखिरकार एक महिला की जिंदगी खत्म कर दी। पुलिस की जांच में सामने आया कि करीब चार साल से पवित्र सरकार उर्फ कन्हई के साथ प्रेम संबंध में रही सरस्वती से बाद में पवित्र ने दूरी बनानी शुरू कर दी थी। वह उससे पीछा छुड़ाना चाहता था और बातचीत भी बंद कर दी थी। दूसरी ओर सरस्वती को पहले से जानने वाला जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार उसे पसंद करता था और उससे विवाह करना चाहता था। पुलिस के अनुसार, दोनों को अलग कराने के उद्देश्य से जितेन्द्र ने घटना वाले दिन सरस्वती को पेट्रोल उपलब्ध कराया और उसे पवित्र के ई-रिक्शा तक पहुंचाया। इसके बाद सरस्वती ने ई-रिक्शा में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी सरस्वती की उपचार के दौरान मौत हो गई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति ने घटना को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष विवेचना और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसपी सिटी रुद्रपुर और सीओ सितारगंज के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर, मोबाइल फोन में मिली छह आडियो रिकार्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच में दोनों आरोपितों की अलग-अलग भूमिका सामने आने के बाद पवित्र और जितेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया।15 अगस्त को सितारगंज बाईपास रोड पर ई-रिक्शा में आग लगने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। ई-रिक्शा में पवित्र और सरस्वती झुलसे मिले। सरस्वती 80-90 प्रतिशत और पवित्र 18-20 प्रतिशत झुलसा था। सरस्वती को सितारगंज से हल्द्वानी और फिर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था। मृतका के पिता दयाल चंद्र मंडल की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में मुकदमा दर्ज हुआ।परिवार के विरोध के बाद बंद कर दिया था संपर्क…..
पुलिस के मुताबिक, पवित्र और सरस्वती के संबंध की जानकारी उसकी पत्नी और परिजनों को हुई तो विरोध शुरू हो गया। पवित्र सरस्वती पर संबंध और विवाह के लिए दबाव डालता था। वह मर जाने, फांसी लगाने और जहर खाने जैसी बातें भी करता था। दूसरी ओर सरस्वती ने अपनी मां से पवित्र द्वारा परेशान किए जाने और उससे पीछा छुड़ाने की इच्छा जताई थी। परिवार के विरोध के बाद पवित्र ने सरस्वती से बातचीत कम कर दी और मोबाइल नंबर बंद कर दिया। करीब 10-12 दिन बातचीत नहीं होने से सरस्वती परेशान थी।छह आडियो रिकार्डिंग से खुली पेट्रोल की कड़ी…..
जितेन्द्र पहले सरस्वती के साथ एक कंपनी में काम कर चुका था। वह सरस्वती से विवाह करना चाहता था, जबकि सरस्वती उसे दोस्त मानती थी। पुलिस के अनुसार, जितेन्द्र चाहता था कि सरस्वती और पवित्र अलग हो जाएं। 15 अगस्त को दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत हुई। सरस्वती के मोबाइल में मिली छह आडियो रिकार्डिंग में पेट्रोल की व्यवस्था, बोतल में पेट्रोल भरने, लाइटर रखने और मिलने की बातचीत मिली।पुलिस के अनुसार, जितेन्द्र मोटरसाइकिल से सरस्वती को सितारगंज लाया। उसने ड्यू की बोतल में पेट्रोल भरकर सरस्वती को दिया। इसके बाद वह उसके कहने पर पवित्र के ई-रिक्शा के पीछे गया। गोल चौराहे के आगे उसने ई-रिक्शा रोक दिया। सरस्वती पेट्रोल की बोतल और लाइटर लेकर ई-रिक्शा में बैठ गई। इसके बाद जितेन्द्र वहां से चला गया। कुछ देर बाद ई-रिक्शा में आग लगने की जानकारी मिली।साक्ष्यों के आधार पर पवित्र को 14 सितंबर और जितेन्द्र को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी कब्जे में ली गई। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया। पवित्र के विरुद्ध आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की धारा 108 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तार आरोपित: पवित्र सरकार उर्फ कन्हई पुत्र नारायण सरकार, निवासी शक्तिफार्म नंबर-01, बैकुंठपुर, सितारगंज, उम्र 35 वर्ष और जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार पुत्र स्वर्गीय रबिंद्र सरकार, निवासी गोकुल नगरी, बिलासपुर, रामपुर (उत्तर प्रदेश), उम्र 27 वर्ष। पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक/विवेचक जावेद मलिक, हेड कांस्टेबल मतलूब खान, हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह कोठियाल, कांस्टेबल कृष्ण चंद्र और कांस्टेबल प्रेम कनवाल।

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