अपराधदेहरादून

‘Operation Fake Pill’ मौत की गोलियां बनाने वालों पर STF का शिकंजा, फैक्ट्री सील..

लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रहा था दवा निर्माण का खेल, भारी मात्रा में टैबलेट और मशीनें बरामद..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून/कोटद्वार। उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाइयों के काले कारोबार पर लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटद्वार स्थित एक अवैध फैक्ट्री को सीज कर दिया। मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले दवा माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे

“Operation Fake Pill” अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई से नकली दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। फैक्ट्री से भारी मात्रा में टैबलेट निर्माण सामग्री, मशीनें और उपकरण बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी फैक्ट्री पर कोरोना काल में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के आरोप भी लग चुके हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के निर्देश पर गठित टीम लगातार नकली दवाओं के नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है। हाल ही में एसटीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जो नामी कंपनियों की जीवन रक्षक दवाओं की हूबहू कॉपी तैयार कर ऑनलाइन बेच रहे थे। इसी कार्रवाई के दौरान मिले इनपुट के आधार पर एसटीएफ को जानकारी मिली कि कोटद्वार क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में अवैध रूप से नकली औषधियों का निर्माण किया जा रहा है।
सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ टीम ने औषधि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स फैक्ट्री में छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में ही निरस्त किया जा चुका था, इसके बावजूद परिसर में दवा निर्माण से संबंधित मशीनें और उपकरण संचालित हालत में पाए गए।मौके से करीब 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए। प्रथम दृष्टया मामला औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 समेत फैक्ट्री संचालन से जुड़े कई वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का पाया गया। इसके बाद टीम ने फैक्ट्री को सील कर बरामद सामग्री कब्जे में ले ली। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के दौरान इसी फैक्ट्री पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के गंभीर आरोप लगे थे। वहीं वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस ने भी इस फैक्ट्री में छापेमारी कर नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा और रेपर बरामद किए थे। फैक्ट्री स्वामी की पहचान विशद कुमार पुत्र भीम सिंह निवासी गली नंबर-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।एसटीएफ कप्तान अजय सिंह ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी नकली दवाइयों का निर्माण, अवैध फैक्ट्री संचालन या बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल एसटीएफ व संबंधित विभाग को सूचित करें। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।कार्रवाई करने वाली एसटीएफ टीम….
निरीक्षक यादविंदर सिंह बजवा
उप निरीक्षक दीपक मेठाणी
अपर उप निरीक्षक योगेन्द्र चौहान
कांस्टेबल रवि पंत
कांस्टेबल दीपक चन्दोला
कांस्टेबल प्रशान्त चौहान
कांस्टेबल दीपक नेगी
संयुक्त टीम में शामिल अधिकारी…
नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक
सीमा बिष्ट, औषधि निरीक्षक
राजेन्द्र सेमवाल, नायब तहसीलदार
आशीष कैमनी, राजस्व निरीक्षक

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