“फर्जी प्रमाण पत्रों से सरकारी नौकरी-ठेकेदारी का खेल.? सुराज सेवा दल ने खोला मोर्चा, सरकार से SIT जांच की मांग..
रमेश जोशी बोले—एक-दो मामलों तक सीमित न रहे जांच, प्रमाण पत्र बनने से लेकर सरकारी लाभ मिलने तक की पूरी प्रक्रिया खंगाली जाए..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; सरकारी नौकरी, ठेकेदारी और अन्य सरकारी सुविधाओं में फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल के आरोपों ने एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थायी निवास, जाति, आय सहित अन्य प्रमाण पत्रों के जरिए अपात्र लोगों द्वारा सरकारी लाभ हासिल किए जाने की शिकायतों के बीच अब सुराज सेवा दल ने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
संगठन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दोषियों के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जारी करने की प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि यदि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर किसी अपात्र व्यक्ति ने सरकारी नौकरी, ठेकेदारी या अन्य सरकारी लाभ हासिल किया है तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि इससे पात्र व स्थानीय युवाओं के अधिकार प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि जांच को किसी एक व्यक्ति या एक प्रकरण तक सीमित रखने के बजाय यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि संदिग्ध प्रमाण पत्र किस स्तर पर, किन दस्तावेजों के आधार पर और किन अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रक्रिया के तहत जारी किए गए।
जोशी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ आईएएस व आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की जाए, ताकि जांच किसी भी प्रकार के दबाव अथवा प्रभाव से मुक्त रह सके। उन्होंने कहा कि संदिग्ध स्थायी निवास, जाति, आय और अन्य प्रमाण पत्रों का संबंधित विभागों के मूल अभिलेखों से सत्यापन कराया जाना चाहिए।
उन्होंने हाल ही में सामने आए देहरादून के एमबीबीएस प्रवेश प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि समाचारों में फर्जी प्रमाण पत्र व दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित जांच और कार्रवाई का उल्लेख सामने आया है। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में भी फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की बातें सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार को पूरे मामले की तह तक जाने की जरूरत है।
सुराज सेवा दल ने मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में मांग की कि फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने, जारी करने, सत्यापित करने अथवा उनका इस्तेमाल कर सरकारी लाभ हासिल करने वाले दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, मिलीभगत अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि सरकारी नौकरी, ठेकेदारी, प्रवेश व अन्य सरकारी लाभों के लिए प्रस्तुत प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। पूर्व में प्राप्त ऐसी शिकायतों और लंबित जांचों की भी समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए।
सुराज सेवा दल ने सरकार से जांच के लिए निश्चित समय-सीमा तय करने व जांच पूरी होने के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि इससे आम जनता और प्रदेश के युवाओं का व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत होगा और पात्र युवाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए वरिष्ठ आईएएस व आईपीएस अधिकारियों की निष्पक्ष टीम गठित की जाए और फर्जी प्रमाण पत्रों के निर्माण से लेकर उनके आधार पर सरकारी लाभ प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया की व्यापक, पारदर्शी व समयबद्ध जांच कराई जाए।
अतीश मिश्रा, इंतजार, नौशाद, अजय, सुंदर, नितिन कटारिया, सोनम, राहुल, फिरोज, हिमांशु धामी, सुमित अग्रवाल, विजेंद्र, जावेद, मंजू चौहान प्रवीण अग्रवाल, हिमानी अग्रवाल, कीर्ति दुमका, प्रशांत, आनंद भट्ट ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।



