“परचम कुशाई के साथ साबिर पाक के उर्स का कल बजेगा बिगुल, कोतवाल कमल मोहन भण्डारी संभालेंगे मेले की कमान..

पंच👊नामा
पिरान कलियर; हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रह. के 758वें सालाना उर्स/मेले का आगाज कल परचम कुशाई की रस्म के साथ हो जाएगा। उर्स को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार मेले की तमाम व्यवस्थाओं और सुरक्षा की कमान कलियर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी को सौंपी गई है। खास बात यह है कि कोतवाली के उच्चीकरण के बाद पहली बार कोतवाली प्रभारी को ही मेला प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
इससे पूर्व कलियर थाना प्रभारी के अलावा अलग से इंस्पेक्टर को मेला प्रभारी नियुक्त किया जाता था, लेकिन थाना उच्चीकृत होकर कोतवाली बनने के बाद इस बार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी को ही मेला प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में उर्स/मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात, भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर रहेगी।
कल परचम कुशाई की रस्म के साथ उर्स/मेले का औपचारिक आगाज होगा। चांद दिखाई देने के बाद माह रबीउल अव्वल की पहली तारीख को मेहंदी डोरी की पहली रस्म के साथ उर्स का विधिवत शुभारंभ माना जाएगा। इसके बाद 11 रबीउल अव्वल को छोटी रोशनी, 12 रबीउल अव्वल को बड़ी रोशनी, 13 रबीउल अव्वल को कुल शरीफ और 14 रबीउल अव्वल को गुस्ल शरीफ की महत्वपूर्ण रस्म अदा की जाएगी। इन रस्मों में देशभर से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है।
उर्स/मेले में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अकीदतमंदों की भीड़ को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद बनाए रखना होगी। इसके अलावा यातायात व्यवस्था, पार्किंग, मेला क्षेत्र में आने-जाने वाले जायरीनों की आवाजाही, महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर लगातार निगरानी भी पुलिस के लिए अहम चुनौती रहेगी।
मेला प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी के नेतृत्व में पुलिस टीम उर्स की तमाम व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाले जायरीनों को किसी तरह की परेशानी न हो और उर्स/मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
उधर, उर्स के दौरान होने वाली प्रमुख रस्मों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता में रखा है। अब देखने वाली बात होगी कि लाखों की संभावित भीड़ के बीच पुलिस प्रशासन किस तरह सुरक्षा और व्यवस्थाओं को संभालता है।



