
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; स्वतंत्रता दिवस से पहले दून पुलिस की सघन चेकिंग के बीच प्रेमनगर क्षेत्र में देर रात उस समय मुठभेड़ हो गई, जब बिना नंबर की बाइक पर सवार दो संदिग्धों ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया और सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सहारनपुर का शातिर गैंगस्टर रईस दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। मौके से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे, बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक और गोकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद हुए हैं।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दून पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार सघन चेकिंग की जा रही है। इसी अभियान के तहत प्रेमनगर पुलिस देर रात दरू चौक के पास चेकिंग कर रही थी।
गोरखपुर चौक की ओर से बिना नंबर की काले रंग की बाइक पर आ रहे दो युवकों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बाइक दौड़ाकर चाय बागान की ओर भाग निकले। सूचना तत्काल आसपास के थानों को दी गई और पुलिस टीम ने पीछा शुरू कर दिया।
प्रेमनगर एसएचओ नरेश राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पितांबरपुर-बनियावाला मार्ग पर बदमाशों की घेराबंदी की। बदमाश बाइक सड़क किनारे छोड़कर चाय बागान की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें रईस के दोनों पैरों में गोली लगी। उसका साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
घायल बदमाश की पहचान रईस पुत्र नसीम, निवासी मोहल्ला खाताखेड़ी, थाना मंडी, जिला सहारनपुर, हाल निवासी आजाद कॉलोनी, अलावलपुर रोड, छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, सहारनपुर, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है। फरार आरोपी की पहचान नवाब निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक रईस सहारनपुर का गैंगस्टर है और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में गोकशी, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह प्रेमनगर क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई गोकशी की घटना में करीब दो साल से वांछित चल रहा था। इस मामले में उसके चार साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पूछताछ में घायल आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से गोकशी के काम में लिप्त है। पुलिस के अनुसार वह अपने साथी नवाब के साथ दोबारा टी-स्टेट और आसपास के इलाके में घूमने वाले आवारा गोवंश की रेकी कर गोकशी की वारदात को अंजाम देने आया था। पुलिस से बचने के लिए बाइक से नंबर प्लेट भी हटा दी थी।
मुठभेड़ के संबंध में पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में कोतवाली प्रेमनगर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं प्रेमनगर में वर्ष 2024 की गोकशी की घटना के संबंध में आर्म्स एक्ट व गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
बरामदगी…..
1:- 315 बोर का एक तमंचा
2:- दो खोखा कारतूस
3:- एक चापड़
4:- एक कुल्हाड़ी
5:- दो छुरी
6:- बिना नंबर की एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
7:- एक नाइलोन की रस्सी
रईस का आपराधिक इतिहास….
रईस के खिलाफ सहारनपुर के नकुड़, मंडी, कोतवाली, कोतवाली नगर, गंगोह, कुतुबशेर और गागलहेड़ी थानों के अलावा उत्तराखंड के रानीपुर हरिद्वार, डोईवाला देहरादून और प्रेमनगर देहरादून में गोकशी, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2016 से 2025 तक के करीब डेढ़ दर्जन अभियोग दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस टीम में…..
मुठभेड़ में निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़, प्रभारी कोतवाली प्रेमनगर; उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार; उपनिरीक्षक जैनेंद्र राणा; कांस्टेबल रवि शंकर; कांस्टेबल पंकज कुमार; कांस्टेबल श्रीकांत मलिक; कांस्टेबल अरशद; कांस्टेबल रोबिन और कांस्टेबल अमरिंदर शामिल रहे।



