“उत्तराखंड पुलिस का गजब कारनामा, वीआरएस ले चुकी महिला दारोगा का भी कर दिया तबादला..
महकमे में लगातार उड़ रहा तबादला सूची का मजाक..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; उत्तराखंड पुलिस में तबादला सूची को लेकर एक बार फिर ऐसी गलती सामने आई है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बार विभाग ने ऐसी महिला दारोगा का भी तबादला कर दिया, जो पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस ले चुकी हैं। मामला सामने आने के बाद तबादला सूची तैयार करने से लेकर उसे जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, पुलिस विभाग में समय-समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जाते हैं। इसके लिए कार्मिक शाखा की ओर से सूची तैयार की जाती है। सूची जारी होने से पहले कर्मचारियों की तैनाती और सेवा से जुड़ी जानकारी का मिलान किया जाना जरूरी होता है। इसके बावजूद वीआरएस ले चुकी महिला दारोगा का नाम तबादला सूची में शामिल हो गया। इससे साफ है कि सूची तैयार करने के दौरान जरूरी जांच नहीं हो पाई।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कर्मचारी विभाग में सेवा में ही नहीं है तो उसका नाम तबादला सूची में कैसे आ गया। क्या सूची बनाने से पहले संबंधित कर्मचारी की मौजूदा स्थिति की जांच नहीं की जाती? क्या सूची को जारी करने से पहले किसी अधिकारी ने इसे देखा नहीं? अगर देखा गया तो इतनी बड़ी गलती पकड़ में क्यों नहीं आई?
यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस विभाग की तबादला व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। पिछले कुछ समय से कार्मिक मामलों में कई तरह की परेशानियां सामने आती रही हैं। इससे कर्मचारियों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। तबादले के साथ-साथ पदोन्नति और नए पदों से जुड़े मामले भी लंबे समय से अटके हुए हैं।
सिविल पुलिस और इंटेलिजेंस में नए पद बनाने के कई प्रस्ताव लंबे समय से शासन और पुलिस मुख्यालय के बीच लंबित बताए जा रहे हैं। कई मामलों में छोटी-छोटी जानकारी या आख्या के लिए भी पत्राचार और रिमाइंडर भेजने पड़ रहे हैं। इससे काम आगे बढ़ने में समय लग रहा है। वीआरएस ले चुकी महिला दारोगा का तबादला भले ही एक गलती हो, लेकिन इसने कार्मिक शाखा की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



