हरिद्वार

“फ्लैशबैक 2025: उपलब्धियों और चुनौतियों से भरा रहा साल, कानून का कसा शिकंजा, नशा तस्करों, अपराधियों का बुरा हाल..

कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 17.93 करोड़ का नशा बरामद, साइबर ठगों से वापस दिलाए 1.27 करोड़, 1088 मोबाइल फोन भी ढूंढे..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: साल 2025 हरिद्वार पुलिस के लिए उपलब्धियों और चुनौतियों से भरा रहा। कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की सख़्त कार्यशैली, स्पष्ट रणनीति और ज़ीरो टॉलरेंस नीति का असर पूरे साल देखने को मिला। अपराधियों पर शिकंजा कसता गया और पुलिस ने एक के बाद एक बड़ी कामयाबियां दर्ज कर कानून का मजबूत संदेश दिया। हत्या जैसे जघन्य अपराधों से लेकर साइबर ठगी, नशा तस्करी, गौवंश तस्करी और अवैध हथियारों पर हर मोर्चे पर हरिद्वार पुलिस भारी पड़ी। बीता साल अपराधियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा।
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ड्रग्स फ्री देवभूमि के संकल्प में बड़ी कामयाबी…..नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए पुलिस ने वर्ष 2025 में 585 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट में 536 मुकदमे दर्ज किए गए। इस दौरान चरस, स्मैक, अफीम, गांजा, नशीली गोलियां, इंजेक्शन, कैप्सूल और सिरप समेत कुल करीब 17.93 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद किए गए। नशे के नेटवर्क को तोड़ने में यह वर्ष निर्णायक साबित हुआ।
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साइबर ठगी पर प्रहार, पीड़ितों को राहत…..साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर सख़्ती दिखाते हुए साइबर सेल ने 5781 शिकायतों में से 4356 मामलों का निस्तारण किया। ठगी का शिकार हुए लोगों को ₹1.27 करोड़ से अधिक की धनराशि वापस दिलाई गई। साथ ही CIER पोर्टल के माध्यम से 1088 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके मालिकों को लौटाए गए, जिनकी बाजार कीमत करीब ₹1.65 करोड़ आंकी गई।
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गुमशुदा और अपहृतों की सुरक्षित वापसी…..मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने 1320 गुमशुदगी/अपहरण मामलों में से 1082 लोगों को सकुशल बरामद किया। इनमें 263 किशोरियां, 105 किशोर, 420 महिलाएं और 294 पुरुष शामिल हैं। यह आंकड़ा पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।
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अपराधियों पर सीधी चोट, ब्लाइंड मर्डर भी सुलझे…..घटित अपराधों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हत्या के 62 मामलों का खुलासा कर 104 आरोपितों को गिरफ्तार किया। ब्लाइंड मर्डर जैसे जटिल मामलों में भी तेज़ खुलासों ने पुलिस की जांच क्षमता को नई पहचान दी।
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अवैध असलहों पर लगाम….चेकिंग अभियानों के दौरान 393 आरोपितों को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया गया। इसमें डीबीबीएल व एसबीबीएल राइफल, तमंचे, रिवाल्वर, पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद हुए।
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गौवंश तस्करी पर सख़्त वार….गौ संरक्षण अधिनियम के तहत 127 मुकदमों में 400 आरोपितों पर कार्रवाई की गई। 48 पशु और 15768 किलोग्राम गौमांस बरामद हुआ। पशु क्रूरता अधिनियम में भी 65 मुकदमों में 116 आरोपितों पर शिकंजा कसा गया।
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ऑपरेशन कालनेमी में बड़ा सत्यापन अभियान…..ऑपरेशन कालनेमी के तहत 5300 लोगों का सत्यापन किया गया। 508 गिरफ्तारियां और 307 के खिलाफ चालान/नोटिस की कार्रवाई हुई। शादी के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई।
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शराब तस्करों पर भी नहीं चली चाल…..शराब तस्करी के मामलों में 988 आरोपित गिरफ्तार कर 976 मुकदमे दर्ज किए गए। देशी–अंग्रेजी शराब, कच्ची शराब, बीयर और अवैध भट्टियों पर बड़ी बरामदगी हुई।
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कप्तान की कड़क कमान में टॉप गियर में पुलिस…..पूरे साल सामने आई अलग-अलग चुनौतियों के बीच हरिद्वार पुलिस ने संयम, साहस और सख़्ती के साथ अपना दम दिखाया। पीड़ितों की मदद, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने अपने स्लोगन “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” को ज़मीन पर उतारा।
निष्कर्षतः, साल 2025 हरिद्वार पुलिस के लिए उपलब्धियों का साल रहा, जिसने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं।

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