“गंगनहर में बह रही बुजुर्ग महिला के लिए फरिश्ता बने अंकित चौधरी, सजगता से बची अनमोल जिंदगी..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। अक्सर कहा जाता है कि किसी की जान बचाने के लिए सिर्फ साहस ही नहीं, बल्कि सही समय पर दिखाई गई सजगता भी जरूरी होती है।
हरिद्वार में इसका जीवंत उदाहरण तब देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग महिला गंगनहर में बहने लगीं और स्थानीय युवक अंकित चौधरी उनकी जिंदगी बचाने की कड़ी बन गए। उनकी तत्परता और जिम्मेदारी भरे कदम से एक परिवार को अपनों से बिछड़ने का दर्द नहीं झेलना पड़ा।
घटना के दौरान अंकित चौधरी की नजर गंगनहर में बह रही एक महिला पर पड़ी। दूर से देखने पर उन्हें लगा कि शायद कोई शव पानी में बह रहा है, लेकिन उन्होंने अनदेखा करने के बजाय ध्यान से देखा। महिला के हाथ-पैरों में हलचल दिखाई देने पर उन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना एक पल गंवाए पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त प्रयास से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया गया कि महिला कनखल क्षेत्र की निवासी हैं। मानसिक रूप से परेशान होने के चलते घाट पर उनका संतुलन बिगड़ गया था, जिसके बाद वह गंगनहर में बहने लगीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अंकित चौधरी भी अन्य लोगों की तरह नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते, तो परिणाम दुखद हो सकता था। उनकी संवेदनशीलता और जागरूकता ने साबित कर दिया कि एक जिम्मेदार नागरिक की छोटी-सी पहल भी किसी के लिए नया जीवन बन सकती है।
महिला के परिजनों ने भावुक होकर अंकित चौधरी का धन्यवाद किया। वहीं पुलिस ने भी उनकी सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे जागरूक और संवेदनशील युवाओं की जरूरत है।
अंकित चौधरी की यह पहल न केवल एक जिंदगी बचाने की कहानी है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि मुसीबत में फंसे किसी व्यक्ति की मदद के लिए उठाया गया एक कदम किसी के पूरे परिवार की खुशियां बचा सकता है।



