“सावन में हरिद्वार पुलिस का ‘खुशियों वाला ऑपरेशन’, 205 लोगों की लौटी मुस्कान..!
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश 205 खोए मोबाइल बरामद, एसपी क्राइम निशा यादव ने मालिकों को सौंपे फोन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; सावन के पावन महीने में हरिद्वार पुलिस ने आमजन को ऐसा तोहफा दिया, जिसने सैकड़ों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर थाना सिडकुल पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 205 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए।
करीब ₹46 लाख से अधिक कीमत के मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली, मेहनत और जनसेवा के जज़्बे की जमकर सराहना की।
एसपी क्राइम निशा यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बरामद किए गए मोबाइल प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी रिकवर किए गए हैं।
थाना सिडकुल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। इनमें स्थानीय लोगों के अलावा सिडकुल की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत बाहरी राज्यों के कर्मचारी भी शामिल हैं। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों की खुशी देखने लायक थी।
उन्होंने बताया कि एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के मार्गदर्शन में हरिद्वार पुलिस लगातार सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर खोए हुए मोबाइलों की तलाश कर रही है।
वर्ष 2026 में अब तक 475 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जबकि इस बार 205 मोबाइल एक साथ रिकवर कर बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है।
बरामद मोबाइलों में आईफोन, ओप्पो, नथिंग, सैमसंग, वीवो, वनप्लस, रियलमी, एमआई और आईक्यूओओ जैसी कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं।
थाना प्रभारी अजय शाह के नेतृत्व में थाना सिडकुल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार फॉलोअप के जरिए इस सफलता को हासिल किया।
टीम ने विभिन्न राज्यों में सक्रिय रहकर मोबाइलों की ट्रैकिंग की और उन्हें सुरक्षित बरामद कर वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया। इस अभियान में एसएसआई प्रवीण बिष्ट सहित पूरी टीम ने समर्पण और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।
गौरतलब है कि थाना सिडकुल पुलिस पिछले कई महीनों से लगातार खोए हुए मोबाइल बरामद कर लोगों को राहत पहुंचा रही है। बीते 11 महीनों में यह आठवीं बड़ी मोबाइल रिकवरी है और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते थाना सिडकुल जनपद ही नहीं, पूरे उत्तराखंड में सबसे अधिक मोबाइल बरामद करने वाला थाना बनकर उभरा है।
इस उपलब्धि में हेडकांस्टेबल विवेक यादव की तकनीकी दक्षता और लगातार किए गए प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी पुलिस अधिकारियों ने सराहना की।



