“जीआरपी की मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी अरुणा भारती का सख़्त एक्शन प्लान, सम्मान के साथ सुरक्षा पर फोकस..
पुलिस अधीक्षक जीआरपी अरुणा भारती की अध्यक्षता में हुई दिसम्बर-2025 की अपराध गोष्ठी, लंबित मामलों, महिला सुरक्षा व रेलवे अपराधों पर दिए गए अहम निर्देश..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: रेलवे परिसरों में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और पुलिसिंग की कार्यशैली को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय जीआरपी के सभागार में माह दिसम्बर-2025 की मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता अरुणा भरती, पुलिस अधीक्षक जीआरपी ने की।
बैठक की शुरुआत पुलिस लाइन जीआरपी में नियुक्त कानि० आरमोर हिमांशु चौहान को माह दिसम्बर-2025 में उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने पर ‘इम्प्लॉय ऑफ द मंथ’ घोषित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित करने के साथ हुई। इसके बाद जीआरपी से स्थानांतरण पर जा रहीं उपनिरीक्षक (एम) मंजू तोमर व उपनिरीक्षक (एम) हेमा पाण्डेय को उनके सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही जीआरपी में कार्यरत समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ट्रैक सूट व कंबल भेंट कर सम्मान दिया गया।
अपराध गोष्ठी के दौरान एसपी जीआरपी ने अपराध शीर्षकों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि थानों में उपलब्ध क्राइम किट बॉक्स, फिंगर प्रिंट व डी.डी. किट के प्रभावी उपयोग के लिए सभी कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए, प्रत्येक थाना और शाखा प्रभारी मासिक रूप से सम्मेलन कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें व पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित दो माह के ऑपरेशन स्माइल अभियान में ठोस प्रगति लाई जाए।
उन्होंने ई-बीट सिस्टम को लागू करने, सीसीटीएनएस के सभी आई.आई.एफ. फॉर्म अद्यावधिक रखने, सीमावर्ती जीआरपी/आरपीएफ के साथ हर माह समन्वय गोष्ठी आयोजित करने और वर्ष 2025 की लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला अपराधों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क पर 24×7 कम से कम एक महिला कर्मी की तैनाती, सम्मन, वारंट व कुर्की की समय पर तामील, निरोधात्मक कार्यवाहियों में पुलिस एक्ट, एमवी एक्ट, आबकारी एक्ट व कोटपा एक्ट के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई तथा इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।
इसके साथ ही थानों में अकारण लंबित माल के शीघ्र निस्तारण, रेलवे स्टेशन या ट्रैक पर अज्ञात शव मिलने पर तत्काल शिनाख्त व विधिवत अभिलेखीकरण, प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से घूमने वाले भिखारियों का सत्यापन कर रजिस्टर संधारित करने, हेल्पलाइन नंबर 112, 139 व 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार, रेलवे स्टेशनों पर फोन चोरी की घटनाओं पर सीसीटीवी के माध्यम से त्वरित कार्रवाई,
रेलवे सुरक्षा बल के साथ समन्वय कर पत्थरबाजी संभावित स्थानों की पहचान व जागरूकता अभियान चलाने तथा ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुराने गैंगों का सत्यापन और सुनसान रेलवे ट्रैक पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी के अंत में लंबित अभियोगों को लेकर थाना प्रभारियों का ओआर लिया गया और प्रत्येक सूचना का जीडी में अनिवार्य अंकन व थानों के सभी अभिलेखों को अद्यावधिक रखने पर सख़्ती दिखाई गई।
एसपी जीआरपी ने दो टूक कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर इंस्पेक्टर जीआरपी हरिद्वार बिपिन चंद्र पाठक, इंस्पेक्टर देहरादून राजीव चौहान व समस्त प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और चौकी/शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।



