
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून/काशीपुर। उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के जरिए हथियार रखने वालों पर स्पेशल टास्क फोर्स का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन के तहत चलाए जा रहे अभियान के बीच एसटीएफ और ऊधमसिंहनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में काशीपुर क्षेत्र से तीन लोगों को दबोच लिया गया। आरोपियों के कब्जे से तीन सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 कारतूस और तीन कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंस के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज किए गए लाइसेंसों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि नौशाद हुसैन समेत 10 लोगों ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से जारी दर्शाए गए लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से हथियार खरीदे थे।
जब एसटीएफ ने जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहांपुर से इन लाइसेंसों का सत्यापन कराया तो पता चला कि संबंधित व्यक्तियों के नाम से कोई लाइसेंस जारी ही नहीं किया गया था और जिन लाइसेंस नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे अन्य लोगों के नाम पर दर्ज थे। जांच में ये दस्तावेज प्रथम दृष्टया फर्जी और कूटरचित पाए गए।
एसटीएफ की ओर से एक माह से अधिक समय से गोपनीय स्तर पर जुटाई जा रही सूचनाओं और जांच के आधार पर गुरुवार को काशीपुर कोतवाली में 10 फर्जी लाइसेंस धारकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मुकदमे की विवेचना के दौरान देर रात एसटीएफ और ऊधमसिंहनगर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे शस्त्र लाइसेंस चिन्हित किए गए हैं, जो बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज हुए हैं। विगत दो माह से विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारी कार्यालयों और लाइसेंस निर्गमन प्राधिकरणों से हजारों लाइसेंसों का रिकॉर्ड मंगाकर उनका सत्यापन किया जा रहा है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इससे पहले भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े दो मामलों में मुकदमे दर्ज कर दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं और उत्तराखण्ड पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखण्ड में हथियार रखने और बाद में उन्हें वैध दिखाने की कोशिश करने वाले लोग एसटीएफ के रडार पर हैं। ऐसे लोग अभी भी अपने हथियार पुलिस के समक्ष सरेंडर कर सकते हैं। साथ ही आमजन से भी संदिग्ध अथवा फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की सूचना एसटीएफ को देने की अपील की गई है। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
गिरफ्तार अभियुक्त……
1:- नौशाद हुसैन पुत्र लियाकत हुसैन, निवासी मोहल्ला थाना साबिक, काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर।
बरामदगी : एक .30 बोर पिस्टल, 28 कारतूस एवं एक कूटरचित लाइसेंस।
2:- जतिन कांडपाल पुत्र पूरन चंद्र कांडपाल, निवासी चामुंडा मंदिर क्षेत्र, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर।
बरामदगी : एक .32 बोर पिस्टल, 18 कारतूस एवं एक कूटरचित लाइसेंस।
3:- अजीम पुत्र नन्हे पहलवान, निवासी ग्राम एवं पोस्ट सिंधौली, जनपद शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी काशीपुर, ऊधमसिंहनगर।
बरामदगी : एक .30 बोर पिस्टल, 19 कारतूस एवं एक कूटरचित लाइसेंस।
एसटीएफ उत्तराखण्ड टीम…..
निरीक्षक एम.पी. सिंह, निरीक्षक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट, हेड कांस्टेबल रियाज अख्तर, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र सामंत, कांस्टेबल सोनू पाण्डे तथा चालक हेड कांस्टेबल संजय कुमार शामिल रहे। ऊधमसिंहनगर पुलिस टीम…..
उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल हरीश गोस्वामी तथा चालक ललित चौधरी ने संयुक्त अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



