
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार में उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर हिंदी विषय की परीक्षा में 8 डमी अभ्यर्थी पकड़े गए। इनमें 4 छात्र और 4 छात्राएं शामिल हैं, जबकि एक नाबालिग छात्रा भी आरोपियों में है। घटना के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मंगलवार को सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, रावली महदूद के हाईस्कूल छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर बनाया गया था। परीक्षा शुरू होते ही सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कक्ष निरीक्षकों की सतर्कता से पूरा खेल सामने आ गया।
निरीक्षकों ने जब प्रवेश पत्रों पर लगी फोटो और परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के चेहरों का मिलान किया तो शक गहरा गया। कुछ चेहरों में स्पष्ट अंतर दिखाई दिया। एक-एक कर संदिग्ध छात्रों से पूछताछ की गई। सख्ती बरतने पर उन्होंने स्वीकार किया कि वे असली परीक्षार्थी नहीं हैं, बल्कि पैसों के लालच में किसी और की जगह परीक्षा देने आए हैं।
जांच में सामने आया कि प्रत्येक डमी अभ्यर्थी को 20-20 हजार रुपये देने की डील हुई थी। प्रवेश पत्रों पर अलग से फोटो चस्पा कर मोहर लगाई गई थी, ताकि पहली नजर में कोई गड़बड़ी न दिखे। यह भी पता चला कि असली परीक्षार्थी प्राइवेट स्कूल से आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं हैं, जिन्होंने अपनी जगह इन डमी अभ्यर्थियों को बैठाया था।
पकड़े गए डमी छात्र-छात्राएं लक्सर, भगवानपुर, ज्वालापुर, रुड़की और रावली महदूद क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। एक नाबालिग छात्रा के शामिल होने से मामला और गंभीर हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही केंद्र व्यवस्थापक ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी 8 डमी अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया गया। संबंधित असली परीक्षार्थियों की भी पहचान की जा रही है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि प्रवेश पत्रों में फोटो बदलने और मोहर लगाने में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बोर्ड परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच में इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक प्रशासन कब पहुंच पाता है।
केंद्र व्यवस्थापक सुरेश चंद्र द्विवेदी ने रानीपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि कक्ष संख्या दो में अंकित कुमार की जगह प्रवेश पत्र पर फोटो चस्पा युवक परीक्षा दे रहा था, जो केंद्र से फरार हो गया। कक्ष संख्या पांच में ईशाक के स्थान पर गुलफाम निवासी चमरिया लालढांग मिला।
कक्ष संख्या छह में रवि कुमार की जगह कृष्ण पाल निवासी रावली महदूद बैठा मिला। कक्ष संख्या आठ में विशाल की जगह कैफ निवासी सुल्तानपुर परीक्षा देता मिला। कक्ष संख्या ग्यारह में साहिबा की जगह सलमा निवासी नसीरपुर कलां बैठी मिली। इसी कक्ष में प्रियंका की जगह सुहानी निवासी रावली महदूद मिली।
प्रीती के स्थान पर प्राची सरकारिया निवासी ज्वालापुर परीक्षा देती पाई गई। रविता की जगह भावना पुत्री मामचंद निवासी रावली महदूद बैठी मिली। रानीपुर कोतवाली प्रभारी आशुतोष राणा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।



