“लक्सर की जेके टायर फैक्ट्री में पानी पीने से सैकड़ों कर्मचारी बीमार, विधायक उमेश कुमार ने अधिकारियों संग किया निरीक्षण..
एक साथ करीब 250 कर्मचारियों की बिगड़ी तबीयत, अस्पतालों में भर्ती; फैक्ट्री परिसर में मचा हड़कंप..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: लक्सर स्थित जेके टायर फैक्ट्री में उस समय हड़कंप मच गया, जब फैक्ट्री का पानी पीने के बाद करीब ढाई सौ कर्मचारियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। एक साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों के बीमार पड़ने से फैक्ट्री प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी कर्मचारियों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद मची अफरा-तफरी…..
बताया जा रहा है कि पानी पीने के कुछ देर बाद कर्मचारियों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते कई कर्मचारियों की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत एंबुलेंस और अन्य वाहनों की व्यवस्था कर कर्मचारियों को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पूरे फैक्ट्री परिसर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विधायक उमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ फैक्ट्री पहुंचकर किया निरीक्षण….
मामले की गंभीरता को देखते हुए खानपुर विधायक उमेश कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ फैक्ट्री परिसर और पानी सप्लाई सिस्टम का निरीक्षण किया। विधायक ने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान का वीडियो भी विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।
पानी के सैंपल लैब भेजे गए, जांच रिपोर्ट का इंतजार……
विधायक उमेश कुमार ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक आने की उम्मीद जताई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह साफ हो सकेगी।
पानी की टंकी में मृत बंदरों की अफवाह से फैली सनसनी….
घटना के बाद इलाके में यह चर्चा भी तेज हो गई कि फैक्ट्री की पानी की टंकी में मृत बंदर पाए गए हैं। हालांकि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरी स्थिति पर बनाए हुए हैं नजर….
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पतालों में भर्ती कर्मचारियों की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन से भी जवाब-तलब किया जा रहा है।



