
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: haridwar की चर्चित “ड्रीम सिटी” कॉलोनी विवाद में अब पुलिस कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की जमीन और एफडीआर फर्जीवाड़े के आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के बाद
शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रॉपर्टी डीलर रवि चौहान और उसके बेटे ऋषभ चौहान की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए ज्वालापुर स्थित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन पिता-पुत्र वहां नहीं मिले। इसके बाद से उनकी गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मामला ज्वालापुर के सुभाष नगर निवासी रिचपाल कौर विर्क की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दिवंगत पति सुरेंद्र पाल सिंह विर्क और रवि चौहान ने मिलकर “ड्रीम सिटी” नाम से आवासीय परियोजना शुरू की थी। इस परियोजना के लिए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में लाखों रुपये की एफडीआर जमा कराई गई थी।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2015 में सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की मौत के बाद रवि चौहान ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर करीब 13 लाख रुपये की एफडीआर अपने नाम रिलीज करा ली। आरोप है कि बाद में रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर लिया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर अन्य संपत्तियों में भी धोखाधड़ी की गई। साथ ही, हाल ही में आरोपी रवि चौहान और उसके बेटे ऋषभ चौहान ने कथित रूप से उन्हें धमकाकर जमीन पर दावा छोड़ने का दबाव बनाया।
एसएसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीतापुर इलाके में दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा का कहना है कि दोनों आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।



