
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC चिटफंड घोटाले में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने घोटाले के दो अहम आरोपित पंकज कुशल सिंह जैन उर्फ पंकज चौधरी और किशनलाल उदयलाल जैन को मुंबई से गिरफ्तार किया है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है, जहां उन्हें बड्स एक्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीबीआई के अनुसार दोनों आरोपित मुख्य आरोपित समीर अग्रवाल के करीबी सहयोगी रहे हैं और निवेशकों से जुटाई गई रकम के संग्रह, हेरफेर और गबन में इनकी अहम भूमिका रही है। लंबे समय से उनकी तलाश की जा रही थी। वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और विभिन्न राज्यों में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने नवंबर 2025 में राज्य पुलिस की ओर से दर्ज 18 मुकदमों की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में सामने आया कि LUCC के जरिए बड़े पैमाने पर अनियमित जमा योजनाएं चलाकर लोगों से निवेश कराया गया। ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से धन जुटाया गया और बाद में रकम का दुरुपयोग किया गया।
सीबीआई की जांच में अब तक सामने आया है कि प्रदेश के एक लाख से अधिक निवेशक इस घोटाले का शिकार हुए हैं। निवेशकों की कुल जमा राशि करीब 800 करोड़ रुपये आंकी गई है। इससे पहले मई में सीबीआई पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें LUCC के वरिष्ठ प्रमोटर और फंड प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल हैं। सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच एजेंसी ने आरोपितों की उन संपत्तियों का भी पता लगाया है, जिन्हें कथित तौर पर घोटाले की रकम से खरीदा गया। इन संपत्तियों का ब्योरा उत्तराखंड सरकार को भेजा गया है ताकि उन्हें फ्रीज कर पीड़ित निवेशकों के हित में आगे की कार्रवाई की जा सके। सीबीआई का कहना है कि घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है और जल्द ही कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।



