
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: थाना पथरी क्षेत्र के फुलगढ़ जंगल में नाबालिग किशोरी से गैंगरेप और उसके साथी युवक के साथ मारपीट की सनसनीखेज वारदात का हरिद्वार पुलिस ने सफल अनावरण कर दिया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार पांच दिनों तक तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और ताबड़तोड़ दबिशों के दम पर गैंगरेप कांड में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की लगातार कार्रवाई से फरार आरोपी दबाव में आ गए जिसके बाद सभी आरोपियों को पुलिस धर दबोचा।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के निर्देशन में गठित तीन विशेष पुलिस टीमों ने घटना की गहन पड़ताल की। घटनास्थल पर एफएसएल टीम बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए, जबकि संभावित ठिकानों पर लगातार दबिशें देकर आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई के चलते मुखबिर की सूचना पर फुलगढ़ जंगल में छापेमारी कर सभी छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में हुई जांच में सामने आया कि 12 जुलाई की रात सुल्तानपुर लक्सर से तीन युवक एक नाबालिग किशोरी को मोटरसाइकिल से फुलगढ़ जंगल के समीप छोड़कर वापस लौट गए थे। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद तीन युवकों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद कुछ आरोपियों ने किशोरी के साथ आए युवक के साथ मारपीट की, जबकि मुख्य आरोपी महेश उर्फ मंत्री अपने साथी के साथ किशोरी को जंगल के भीतर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
13 जुलाई को पीड़िता के परिजनों द्वारा थाना पथरी में तहरीर दिए जाने पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीमों ने दिन-रात अभियान चलाते हुए हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी और आखिरकार घटना का सफल अनावरण करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा का विषय बनी है। चुनौतीपूर्ण और हाई-प्रोफाइल मामलों के त्वरित अनावरण को लेकर अपनी अलग पहचान बना चुके रविन्द्र कुमार ने अपने अब तक के पुलिस करियर में कई सनसनीखेज वारदातों का सफल खुलासा कर अधिकारियों का भरोसा जीता है।
पिरान कलियर थाना प्रभारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने अपहरण, हत्या, गैंगरेप समेत कई जघन्य अपराधों का चंद घंटों के भीतर खुलासा कर अपनी तेज़ पड़ताल, सटीक रणनीति और प्रभावी नेतृत्व का लोहा मनवाया। यही वजह रही कि गंभीर मामलों के खुलासे में उनका नाम पुलिस महकमे में भरोसे के साथ लिया जाता है।
वहीं थाना पथरी की कमान संभालने के बाद भी रविन्द्र कुमार ने अपराधियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का सिलसिला जारी रखा। खूनी संघर्ष, गैंगरेप, लूट और अन्य संगीन वारदातों के सफल अनावरण के साथ-साथ कई शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर उन्होंने यह साबित किया कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सुनियोजित पुलिसिंग, मजबूत मुखबिर तंत्र और सटीक विवेचना के दम पर उसका सफल खुलासा किया जा सकता है।
फुलगढ़ गैंगरेप कांड का महज पांच दिनों में सफल अनावरण भी उनकी इसी कार्यशैली का ताजा उदाहरण माना जा रहा है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने पुलिस अधिकारियों की अपेक्षाओं पर न केवल उन्हें खरा उतारा है, बल्कि एक भरोसेमंद और परिणाम देने वाले अधिकारी के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत किया है।
गिरफ्तार आरोपी मोहित कुमार पुत्र प्रीतम सिंह (25), सुमित पुत्र राकेश (25), आशु पुत्र सुभाष (22), शुभम पुत्र बीरबल (22), महेश उर्फ मंत्री पुत्र कृपाल (29) तथा आकाश पुत्र जसमाल (23) निवासी ग्राम फुलगढ़, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार हैं।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक उपेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक विपिन कुमार (चौकी प्रभारी फेरूपुर), उपनिरीक्षक बबलू चौहान, महिला उपनिरीक्षक शाहिदा परवीन, हेड कांस्टेबल नारायण राणा, कांस्टेबल मुकेश चौहान, दीपक चौधरी, नारायण सिंह, राकेश नेगी तथा सीआईयू रुड़की की टीम शामिल रही।



