अपराधउत्तराखंड

“फर्जी लाइसेंसों के दम पर बना रखा था हथियारों का जखीरा, STF के शिकंजे में आया बड़ा खिलाड़ी..

एसटीएफ कप्तान अजय सिंह की मॉनिटरिंग में रुद्रपुर से दो गिरफ्तार, तीन हथियार, आठ कारतूस और दो फर्जी लाइसेंस बरामद..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून/रुद्रपुर: उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के जरिए अवैध हथियारों का जाल फैलाने वालों पर एसटीएफ का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन के तहत चलाए जा रहे अभियान में एसटीएफ ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देर रात रुद्रपुर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन अवैध हथियार, आठ कारतूस, दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस और एक कार की चाबी बरामद की है। पूछताछ में कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर जल्द ही अन्य संदिग्धों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।एसटीएफ कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में चार जून को काशीपुर कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद 10 जून की रात एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए काशीपुर क्षेत्र से एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए थे। मामले में सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दीप्ति अग्रवाल के नाम सामने आए थे, जिनमें सौरभ अग्रवाल फरार चल रहा था।फरार आरोपियों की तलाश में एसटीएफ की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। इसी क्रम में 11 जून की देर रात गोपनीय सूचना के आधार पर रुद्रपुर रोडवेज के पास से काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल और उसके चालक अमित पाल को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक 12 बोर पम्प एक्शन बंदूक, एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस संबंध में तीन अभियोग दर्ज कर सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही 12 अवैध शस्त्र, 315 कारतूस और कई फर्जी लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार चालक अमित पाल ने पूछताछ में खुलासा किया है कि 10 जून को बरामद स्विफ्ट कार को साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से काशीपुर में एक पार्किंग स्थल पर खड़ा किया गया था। उसके कब्जे से कार की चाबी भी बरामद कर ली गई है।पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आए हैं, जिनके संबंध में सूचनाएं विकसित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी संदिग्ध अथवा फर्जी शस्त्र लाइसेंस के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल एसटीएफ को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए एसटीएफ का हेल्पलाइन नंबर 9412029536 जारी किया गया है।कार्रवाई में शामिल एसटीएफ टीम निरीक्षक विकास चौधरी, निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक विपिन चंद्र जोशी, उपनिरीक्षक कृष्ण गोपाल मठपाल, हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल महेंद्र गिरी, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सावंत, हेड कांस्टेबल संजय कुमार, कांस्टेबल सोनू पांडे तथा सर्विलांस सेल से किशन चंद्र शर्मा शामिल रहे।

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