“फर्जी व्यक्ति को भू-स्वामी दिखाकर जमीन बेचने का आरोप, कथित घोटाले में तत्कालीन लेखपाल की भूमिका पर उठे सवाल..
सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद जोशी ने गढ़वाल आयुक्त से की उच्चस्तरीय जांच की मांग..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद जोशी ने हरिद्वार में एक कथित भूमि फर्जीवाड़े का मामला उठाते हुए आयुक्त गढ़वाल मंडल के यहां धरना प्रदर्शन करते हुए उच्चस्तरीय जांच और मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक भूमि की रजिस्ट्री में वास्तविक भू-स्वामी के स्थान पर फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर जमीन का क्रय-विक्रय कराया गया और पूरे प्रकरण में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही।
रमेश चंद जोशी के अनुसार वर्ष 2014 में संपन्न हुई एक रजिस्ट्री में भूमि के मालिक एवं विक्रेता के रूप में मुरली पुत्र कान्हा का नाम दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता में किसी अन्य व्यक्ति को मुरली बनाकर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति का वास्तविक नाम मूलचंद पुत्र बुद्धू सिंह है और उसके पहचान संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। जोशी ने आरोप लगाया कि फर्जी विक्रेता के आधार पर तैयार किए गए शपथ पत्र, सत्यापन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के दौरान विक्रेता का पहचान पत्र तक संलग्न नहीं किया गया, इसके बावजूद दस्तावेज का पंजीकरण होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने तत्कालीन लेखपाल रमेश चंद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पूरे प्रकरण में उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जोशी का आरोप है कि लेखपाल ने कथित फर्जी व्यक्ति की तस्दीक करते हुए सकारात्मक आख्या लगाई, जिससे दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रजिस्ट्री में लगे फोटो और वास्तविक व्यक्ति में अंतर था तो सत्यापन किस आधार पर किया गया।
रमेश चंद जोशी ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, नोटरी और गवाहों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। गढ़वाल आयुक्त को भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल को भी प्रेषित की गई है। अब प्रशासनिक स्तर पर इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



