“अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी को मिला नया सेकेट्री, राहिल कुरैशी की दस्तारबंदी के साथ सौंपी गई जिम्मेदारी..
मरहूम हाजी शादाब साबरी को खिराज-ए-अकीदत पेश, जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की तैयारियों पर भी हुई अहम चर्चा..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार/ज्वालापुर; अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी (रजि.) ने अपने संगठन को नई मजबूती देते हुए रिक्त पड़े सेकेट्री पद की जिम्मेदारी सर्वसम्मति से राहिल कुरैशी को सौंप दी है।
ज्वालापुर के मोहल्ला कोटरवान स्थित सोसायटी के सदर हाजी शफी खान के आवास पर आयोजित बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस दौरान मरहूम हाजी शादाब साबरी के इंतेकाल पर गहरा अफसोस जताते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की गई और उनकी समाज व सोसायटी के प्रति सेवाओं को याद किया गया।
बैठक में सोसायटी के संरक्षक हाफिज वहीद ने नवनियुक्त सेकेट्री राहिल कुरैशी की दस्तारबंदी कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राहिल कुरैशी पूरी ईमानदारी, जिम्मेदारी और खिदमत के जज्बे के साथ सोसायटी के माध्यम से सामाजिक/धार्मिक कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि मरहूम हाजी शादाब साबरी ने जिस समर्पण और लगन से सोसायटी के जरिये सेवा की, उसे हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
दरअसल, कुछ माह पूर्व सोसायटी के सेकेट्री हाजी शादाब साबरी के दुनिया-ए-फ़ानी से रुखसत हो जाने के बाद यह पद रिक्त चल रहा था। बैठक में सर्वसम्मति से राहिल कुरैशी को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया।
बैठक के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोसायटी के सदर हाजी शफी खान ने कहा कि अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी हमेशा सामाजिक, धार्मिक और कौमी एकता के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाती रही है।
उन्होंने बताया कि आगामी जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व रूहानी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से आपसी इत्तेहाद और भाईचारे के साथ कार्यक्रमों को कामयाब बनाने की अपील की।
नवनियुक्त सेकेट्री राहिल कुरैशी ने सोसायटी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन पर जो भरोसा जताया गया है, उस पर वह पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मरहूम हाजी शादाब साबरी की खिदमत और उनके नक्शे-कदम पर चलते हुए वह सोसायटी के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और समाज की बेहतरी के लिए पूरी लगन व जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे।
दस्तारबंदी समारोह के बाद महफ़िल-ए-समा का आयोजन किया गया, जिसमें मशहूर कव्वाल गुलाम हुसैन ने अपने सूफियाना कलाम पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। उपस्थित लोगों ने कव्वाली का भरपूर लुत्फ उठाया और महफिल देर तक जारी रही।
इस अवसर पर सोसायटी के उपाध्यक्ष हाजी जमशेद खान, कोषाध्यक्ष हाजी गुलजार, हाजी रफी खान, बाबर खान, शहराज खान, अब्दुल रहमान खान, अतीक खान, आलम सैफी, आदिल कुरैशी, फैसल खान उर्फ मोंटू, हारून खान, शाहबाज कुरैशी, तंजीम कुरैशी, आजाद अली, अतहर अंसारी, सावेज खान, राव फरमान, गज्जू अंसारी, कल्लू कुरैशी, शाहनूर कुरैशी, सलमान कुरैशी, शजर रहमान कुरैशी, शारिक, परवेज खान, कादर खान सहित बड़ी संख्या में सोसायटी के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।



