हरिद्वार

“कलियर उर्स में ‘स्मार्ट’ हुई बच्चों की सुरक्षा, बिछड़े 23 मासूम पहुंचे अपनों तक..

हरिद्वार पुलिस और Smart Safety Tag टीम की पहल से आसान हुई पहचान, एसपी देहात ने थपथपाई पीठ..

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पंच👊नामा
पिरान कलियर; उर्स की भीड़ में अपनों से बिछड़ने वाले बच्चों के लिए हरिद्वार पुलिस और Smart Safety Tag टीम उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। भारी भीड़ के बीच परिवार से बिछड़े 23 बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता और अभिभावकों से मिलाया गया। QR Code आधारित स्मार्ट सेफ्टी टैग व्यवस्था ने बच्चों की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचने की प्रक्रिया को आसान बनाया। इस सराहनीय पहल की सफलता के बाद पुलिस महकमे ने Smart Safety Tag टीम के प्रयासों की जमकर सराहना की।एसपी देहात ने की पहल की सराहना, टीम को मिला प्रशस्ति पत्र….
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में पिरान कलियर उर्स मेले के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए बच्चों के परिजनों से बिछड़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार पुलिस ने ‘नेक्सोरा टेक्नोलॉजी’ की Smart Safety Tag टीम के साथ समन्वय कर QR Code आधारित सेफ्टी टैग व्यवस्था लागू की। इसकी सफलता पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल ने Smart Safety Tag टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।कलियर पुलिस और Smart Safety Tag टीम के समन्वय से मिली 23 बच्चों को नई राह……
कोतवाली कलियर प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उर्स मेले के दौरान स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखा। मेले में परिवार से बिछड़ने वाले बच्चों की पहचान करने, उनकी जानकारी जुटाने और परिजनों से संपर्क स्थापित करने में QR Code आधारित टैग बेहद कारगर साबित हुआ। इसके माध्यम से कुल 23 गुमशुदा/बिछड़े बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।टैग स्कैन करते ही सामने आई परिवार तक पहुंचने की राह…..
Smart Safety Tag की QR Code आधारित प्रक्रिया को बेहद सरल और उपयोगी पाया गया। आवश्यकता पड़ने पर बच्चे के पास मौजूद टैग को स्कैन कर उससे जुड़ी जानकारी के माध्यम से उसके परिवार से संपर्क स्थापित किया जा सकता है। इससे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में बच्चों को जल्द और सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।उर्स मेले का सफल प्रयोग, कुंभ से लेकर स्कूल यात्राओं तक उपयोगी हो सकती है तकनीक…..
पिरान कलियर शरीफ उर्स मेले में इस तकनीक के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद माना जा रहा है कि Smart Safety Tag जैसी व्यवस्था बड़े धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस हेल्प डेस्क, खोया-पाया केंद्र और स्वयंसेवी तंत्र के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। धार्मिक मेले, कुंभ, तीर्थयात्रा, पर्यटन स्थल, मंदिर-दरगाह परिसर, स्कूलों की शैक्षिक यात्राओं और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में भी इसका इस्तेमाल बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत कर सकता है।परिजनों ने पुलिस और टीम का जताया आभार…..
उर्स मेले के दौरान बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने में मिली सफलता पर बच्चों के परिजनों और आमजन ने हरिद्वार पुलिस एवं Smart Safety Tag टीम का आभार जताया। वहीं, जनसेवा के प्रति समर्पित इस प्रयास की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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