
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार/रुड़की: मीट कटान के नाम पर चल रहे खेल की परतें अब गौकशी की घटनाओं के साथ खुलने लगी हैं। एसएसपी नवनीत सिंह के सख़्त निर्देश पर रुड़की में सोनाली नदी के किनारे रात के अंधेरे में पुलिस ने गौकशी का भंडाफोड़कर 150 किलो मांस बरामद कर लिया।
जबकि रानीपुर के सलेमपुर में भी खाली प्लाट में गौकशी पकड़ी गई। मौके से 85 किलो मांस भी मिला है। सूत्र बताते हैं कि ये गौकशी की ये घटनाएं महज संयोग नहीं, इसके पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। दोनों जगहों से कटान के उपकरण मिले और पांच आरोपी पुलिस को देखकर फरार हो गए।
सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आ रहा है कि रुड़की क्षेत्र से कथित रूप से संचालित सिंडिकेट अवैध मीट कटान और सप्लाई को फर्जी बिलों की आड़ देने में सक्रिय है और इसी नेटवर्क से गौकशी करने वालों को संरक्षण मिलने की बात भी सामने आ रही है।
अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस अवैध मीट कटान, फर्जी बिलों और गोकशी के बीच के कथित गठजोड़ की तह तक पहुंचे। यदि जांच में रुड़की से संचालित किसी सिंडिकेट की भूमिका सामने आती है तो उसके सरगना से लेकर नेटवर्क के हर सदस्य को बेनकाब कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सोनाली नदी किनारे रात में चल रहा था कटान….
रुड़की कोतवाली पुलिस को नौ सितंबर की रात मुखबिर से बदा रोड के पास सोनाली नदी के किनारे गोकशी की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा तो वहां मौजूद आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
तलाशी के दौरान मौके से 150 किलो गोमांस और पशु कटान के उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 407/26 के तहत धारा 3/5/11 उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।
सलेमपुर में खाली प्लाट बना गोकशी का ठिकाना…..
रानीपुर क्षेत्र में भी 10 सितंबर की सुबह गोकशी की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई की। ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली रानीपुर पुलिस और उत्तराखंड गौवंश स्क्वाड, गढ़वाल परिक्षेत्र हरिद्वार की संयुक्त टीम ने ग्राम सलेमपुर में आयशा कालोनी टावर के पास खाली प्लाट पर छापा मारा।
पुलिस के पहुंचते ही मौके पर मौजूद तीन आरोपित फरार हो गए। टीम ने मौके से 85 किलो गोमांस और अवैध पशु कटान के उपकरण बरामद किए। पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 312/26 के तहत धारा 3/5/11 उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है।
235 किलो गोमांस बरामदगी ने खड़े किए सवाल…
कुछ ही घंटों के अंतराल में रुड़की और रानीपुर क्षेत्र से कुल 235 किलो गोमांस की बरामदगी ने जिले में अवैध पशु कटान और गोकशी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में मौके पर कटान के उपकरण मिलना और आरोपितों का पुलिस को देखकर फरार हो जाना भी कई सवाल छोड़ रहा है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि इन मामलों में कोई आपसी कनेक्शन है या दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं।
फर्जी बिलों की आड़ में अवैध सप्लाई का खेल..?
सूत्रों के अनुसार, रुड़की क्षेत्र से कथित रूप से एक सिंडिकेट संचालित होने की चर्चा है। आरोप है कि वैध मीट कारोबार की आड़ में फर्जी बिलों के सहारे अवैध मीट कटान और सप्लाई का नेटवर्क चलाया जा रहा है। इसी नेटवर्क पर गोकशी करने वालों को संरक्षण देने की आशंका भी जताई जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बरामद गोमांस के मामलों के तार किसी संगठित नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
सरगना तक पहुंचना होगी पुलिस की असली चुनौती…
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि रुड़की में सामने आए गोकशी के मामले में कथित गिरोह के सरगना और उसके सदस्यों की सांगली पता पुलिस को होने की बात कही जा रही है।
ऐसे में पुलिस के सामने केवल फरार आरोपितों को पकड़ने की चुनौती नहीं है। यह भी पता लगाना होगा कि कटान के बाद गोमांस कहां सप्लाई किया जाना था, फर्जी बिल किसके जरिए तैयार किए जा रहे थे और इस पूरे खेल में किन लोगों की भूमिका है।
कप्तान के निर्देश, अब नेटवर्क पर प्रहार की तैयारी….
एसएसपी नवनीत सिंह ने जिले में गौकशी और अवैध पशु कटान के मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब कार्रवाई का दायरा केवल मौके से बरामदगी और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
पुलिस को यदि किसी संगठित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो उसके सरगना, फर्जी बिल तैयार करने वालों, सप्लाई चैन और संरक्षण देने वालों तक पहुंचना होगा। दो स्थानों से 235 किलो गोमांस की बरामदगी के बाद अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस इस कथित सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचकर उसे बेनकाब करती है या नहीं।
पुलिस टीम; रुड़की की कार्रवाई में उप निरीक्षक सुभाष चंद्र जख्मोला, कांस्टेबल गुलबहार, कांस्टेबल नरेश जोशी और होमगार्ड राजेंद्र शामिल रहे। रानीपुर की कार्रवाई में वरीय उप निरीक्षक नंदकिशोर ग्वाड़ी, उप निरीक्षक पूजा पांडेय, कांस्टेबल अमित राणा, कांस्टेबल बीरेंद्र जोशी, कांस्टेबल सुरेंद्र तोमर और कांस्टेबल कुंवर राणा शामिल रहे।



