
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: दोस्ती की आड़ में ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज खेल खेलने वाले राजस्थान के दो बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों को दून पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने अपने ही परिचित युवक का मोबाइल छीनने के बाद उसमें मौजूद निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग डाली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया वन प्लस मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त थार वाहन भी बरामद कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना का सफल खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमनगर एसएचओ नरेश राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन जागिड़ पुत्र मुकेश कुमार जागिड़ निवासी अलवर (राजस्थान) व हिमांशु मीणा पुत्र रामप्रसाद मीणा निवासी जयपुर (राजस्थान) के रूप में की। दोनों आरोपी राजस्थान के एक निजी शिक्षण संस्थान में बीएससी एग्रीकल्चर चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं और इंटर्नशिप के लिए दो दिन पहले ही देहरादून आए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पीड़ित युवक क्रिश गुप्ता के परिचित थे। 5 अगस्त की शाम प्रेमनगर सरकारी अस्पताल रोड पर युवक और उसकी महिला मित्र से मुलाकात के दौरान आरोपियों ने 50 हजार रुपये की मांग की।
विरोध होने पर उन्होंने युवक का मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। बाद में उसी मोबाइल से युवती को फोन कर दोनों की निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपये की मांग की गई। साथ ही किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपने परिचित युवक को ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत मोबाइल स्नेचिंग और ब्लैकमेलिंग की वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में छीना गया वन प्लस मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल थार कार बरामद को कर लिया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विजय प्रताप राही, हेड कांस्टेबल नरेन्द्र व कांस्टेबल मोहम्मद अनीस शामिल रहे, जिनकी तत्परता से पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का सफल खुलासा किया।



