
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; खबर की हेडलाइन में महज एक शब्द ने विवाद खड़ा कर दिया है। महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर महादेव को ‘अपराधी बाबा’ लिखे जाने पर आपत्ति जताते हुए अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने कथित पत्रकार संजय कश्यप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अधिवक्ता कमल भदौरिया के माध्यम से दाखिल प्रार्थना पत्र पर अदालत ने ज्वालापुर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। पुलिस को 26 सितंबर तक अपनी आख्या प्रस्तुत करनी है।
‘अपराधी’ शब्द के आधार पर पर सवाल….
अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने आरोप लगाया है कि संजय कश्यप द्वारा संचालित समाचार पोर्टल पर प्रकाशित खबर की हेडलाइन में श्री करौली शंकर महादेव के लिए ‘अपराधी बाबा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इस शब्द से उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई तथा उनके अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
प्रार्थी ने सवाल उठाया है कि किसी व्यक्ति को ‘अपराधी’ बताने से पहले संबंधित न्यायालयीन रिकॉर्ड, एफआईआर, चार्जशीट या दोषसिद्धि की स्थिति की जांच की गई थी या नहीं। अदालत के समक्ष यह भी सवाल रखा गया है कि खबर में ‘अपराधी’ शब्द इस्तेमाल करने का आधार और स्रोत क्या था।
पुलिस से शिकायत के बाद अदालत पहुंचे….
अरुण भदौरिया के अनुसार, उन्होंने 15 सितंबर को कोतवाली ज्वालापुर में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद 18 सितंबर को एसएसपी हरिद्वार को भी प्रार्थना पत्र दिया गया। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
अभी आरोपों पर अदालत की मुहर नहीं….
अदालत ने फिलहाल ज्वालापुर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। 26 सितंबर को पुलिस की आख्या प्रस्तुत होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी। अभी एफआईआर दर्ज करने का अंतिम आदेश नहीं हुआ है और प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप भी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
प्रार्थी के अनुसार, श्री करौली शंकर महादेव धार्मिक संत, आध्यात्मिक गुरु और महामंडलेश्वर हैं तथा उनके देश-विदेश में अनुयायी हैं। वर्ष 2026 में श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की ओर से उन्हें महामंडलेश्वर पद से विभूषित किए जाने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है।



