“कलियर उर्स में बच्चों की सुरक्षा का ‘कवच’, बच्चा चोरी रोकने को पहली बार खास स्क्वॉड का गठन; जेबकतरों पर भी शिकंजा..

पंच👊नामा
प्रवेज़ आलम, पिरान कलियर; साबिर पाक के दरबार में हाजिरी लगाने उमड़ने वाले लाखों जायरीनों की भीड़ में इस बार अपराधियों के लिए जगह कम पड़ने वाली है। आस्था के इस बड़े मेले में भीड़ को वारदात का आसान जरिया समझने वाले बच्चा चोरों और जेबकतरों पर पुलिस की खास नजर रहेगी।
758वें सालाना उर्स से पहले कलियर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में नया प्रयोग करते हुए बच्चा चोरी रोकने के लिए विशेष स्क्वॉड गठित करने का फैसला लिया है। इसकी कमान महिला दारोगा को सौंपी जाएगी, जबकि टीम के सदस्य सादे कपड़ों में भीड़ के बीच सक्रिय रहेंगे। वहीं जेबकतरी पर लगाम लगाने के लिए भी अलग स्क्वॉड मैदान में उतारा जाएगा।
पुरानी घटनाओं ने बदला पुलिस का ‘प्लान’……
कलियर का उर्स देशभर के जायरीनों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। उर्स के दौरान लाखों लोगों की आवाजाही के बीच पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ अपराधियों पर नजर रखने की होती है। खासकर बच्चों के गुम होने और उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है।
बीते महीनों में कलियर और आसपास सामने आई घटनाओं ने इस चुनौती को और गंभीर कर दिया। 8 अक्टूबर 2025 को कलियर में चार माह का बच्चा लापता हुआ था। पुलिस ने लगातार तलाश के बाद 14 अक्टूबर को बच्चे को बरामद किया। जांच में बच्चे को बेचने का मामला सामने आया और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
इसके बाद 18 जून 2026 को हरदोई, उत्तर प्रदेश से परिजनों के साथ दरगाह में हाजिरी लगाने आई छह वर्षीय बच्ची कलियर से लापता हो गई। करीब दो माह बाद बच्ची की बरामदगी हो सकी। 13 जुलाई 2026 को एक महिला अपने पांच वर्षीय बेटे के साथ लापता हो गई थी। करीब एक माह की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों को बरामद किया।
वहीं 7 जून 2026 को सात माह के बच्चे के अपहरण की घटना ने भी पुलिस को चुनौती दी। पुलिस ने चार दिन बाद 11 जून को बच्चे को लक्सर से बरामद किया और मामले में महिला समेत आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। इन घटनाओं ने पुलिस को यह सोचने पर मजबूर किया कि मेले में केवल सामान्य सुरक्षा इंतजामों से काम नहीं चलेगा। बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग निगरानी तंत्र जरूरी है।
वर्दी नहीं, भीड़ के बीच ‘पुलिस की आंख’ बनेगी टीम….
बच्चा चोरी निरोधक स्क्वॉड की सबसे खास बात इसका तरीका-ए-कार्रवाई होगा। टीम के कुछ सदस्य सादे कपड़ों में भीड़ के बीच घुले-मिले रहेंगे। बच्चों के साथ घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों, बच्चों को बहलाने-फुसलाने वालों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
बच्चे के परिजनों से बिछड़ने की सूचना मिलने पर टीम तत्काल सक्रिय होगी। महिला दारोगा के नेतृत्व में गठित टीम महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करेगी। यानी पुलिस का मकसद सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि घटना होने से पहले ही अपराधी की चाल पकड़ना होगा।
जेबकतरों की भी खैर नहीं….
मेले में भीड़ बढ़ते ही जेबकतरों की सक्रियता भी पुलिस के लिए चुनौती बनती है। इसे देखते हुए इस बार जेबकतरों के लिए अलग स्क्वॉड गठित किया जाएगा। टीम भीड़भाड़ वाले स्थानों, दरगाह क्षेत्र और प्रमुख आवाजाही वाले रास्तों पर संदिग्ध लोगों पर नजर रखेगी। पुलिस की कोशिश है कि जायरीन दूर-दराज से साबिर पाक के दरबार में अकीदत लेकर आएं तो उन्हें बच्चे और सामान दोनों की सुरक्षा की चिंता न सताए।
परचम कुशाई के साथ आज बजेगा उर्स का बिगुल…..
हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रह. के 758वें सालाना उर्स/मेले का आगाज आज देर शाम परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा। इसके बाद उर्स की पहली रस्म मेहंदी डोरी अदा की जाएगी और उर्स विधिवत शुरू हो जाएगा। उर्स की प्रमुख रस्मों में 11 रबीउल अव्वल को छोटी रोशनी, 12 रबीउल अव्वल को बड़ी रोशनी, 13 रबीउल अव्वल को कुल शरीफ और 14 रबीउल अव्वल को गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।
सुरक्षा का घेरा होगा मजबूत….
उर्स में लाखों जायरीनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यातायात, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मेला प्रभारी/इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी ने बताया कि उर्स में आने वाले लाखों जायरीनों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। बच्चा चोरी और जेबकतरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अलग-अलग स्क्वॉड गठित किए जा रहे हैं। बच्चा चोरी निरोधक स्क्वायड की कमान महिला दारोगा को दी जाएगी और टीम भीड़ के बीच सक्रिय रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि मेले में आपराधिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जायरीनों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहेगी।



