“दयालबाग में देशभक्ति के रंग में मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां..

पंच👊नामा-ब्यूरो
आगरा। दयालबाग में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। खेतों से लेकर भंडारा ग्राउंड तक राष्ट्रप्रेम की छटा देखने को मिली। विद्यार्थियों की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों, आरएएफ की महिला प्रतिभागियों के आत्मरक्षा प्रदर्शन और राष्ट्रगान के बीच आजादी के पर्व का उत्साह नजर आया। समारोह का सजीव प्रसारण देश-विदेश की करीब 580 शाखाओं में किया गया।
सुबह खेतों में संत सुपरमैन योजना के बच्चों ने देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। खेतों में कार्य के बाद परम पूज्य गुरु महाराज सतसंगी साहब एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी के भंडारा ग्राउंड पहुंचने पर एसएफजी और आरएएफ वालंटियरों ने संयुक्त रूप से गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्य समारोह का शुभारंभ राधास्वामी सतसंग सभा एवं दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के अध्यक्ष प्रे.भा. गुर सरूप सूद, आइडीएएस (सेवानिवृत्त) ने ध्वजारोहण कर किया। पीवी एवं आरईआइ के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान और ‘सुनो भाई एक गान हमारा’ झंडा-गान प्रस्तुत किया।
इसके बाद डीईआइ आरईआइ इंटरमीडिएट कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘मेरे देश की धरती सोना उगले’ पर एक्शन सॉन्ग, पीवी प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने रोलर स्केट्स पर ‘परचम लहरा दो अपना…’, नर्सरी-कम-प्ले सेंटर के बच्चों ने ‘चलो चलें, बढ़ते चलें’ तथा स्कूल ऑफ आर्ट एंड कल्चर के विद्यार्थियों ने ‘जयतु जयतु भारतम्’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी। स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के विद्यार्थियों ने तेलुगु एक्शन सॉन्ग, राधास्वामी सरन आश्रम नगर स्कूल व डेयरी बाग प्राइमरी स्कूल ने ‘चंदन है माटी मेरे देश की’ और प्रेम विद्यालय गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं ने ‘तेरे सर पे नीला गगन है…’ पर प्रस्तुति दी। जेंडर फ्री सुपरह्यूमेन चिल्ड्रेन ने ‘हे भारत, हे भारत, तुझको नमन हमारा’ से देशभक्ति का संदेश दिया।आरएएफ की महिला प्रतिभागियों ने आत्मरक्षा, साहस और तत्परता का प्रदर्शन कर महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। नर्सरी-कम-प्ले सेंटर और जेंडर फ्री सुपरह्यूमेन चिल्ड्रेन को मिठाइयां वितरित की गईं।
अनुशासन और सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश….
राधास्वामी सतसंग सभा के अध्यक्ष प्रे.भा. गुर सरूप सूद ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने और उनके अनुशासन, परिश्रम व सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को जीवन में उतारने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दयालबाग मूल्य आधारित, कार्योन्मुखी एवं बहुविषयक शिक्षा के साथ निःस्वार्थ सेवा, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है। सभा के सचिव प्रे.भा. प्रेम दास सतसंगी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के प्रति कर्तव्य, अनुशासन और सेवा भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि समारोह की तैयारियां काफी पहले शुरू हो जाती हैं और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के लिए नियमित अभ्यास तथा दो पूर्ण रिहर्सल कराई जाती हैं।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष संदेश…….
इस वर्ष राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी समारोह में विशेष महत्व दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ ने एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया और आज भी यह मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। परम पूज्य गुरु महाराज एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी की उपस्थिति से समारोह की गरिमा बढ़ी। कार्यक्रम में सभा के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में सतसंगी मौजूद रहे। समारोह का सीधा प्रसारण देश-विदेश की करीब 580 शाखाओं में हुआ, जिससे हजारों लोग राष्ट्रीय पर्व के इस आयोजन से जुड़े।



