
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; पांच लाख रुपये की सुपारी लेकर बैंककर्मी को रास्ते से हटाने की कोशिश करने वाला लक्सर निवासी अंकित चौहान आखिरकार देहरादून पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना नंबर की बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो दोनों भाग निकले।
पीछा करने पर चाय बागान की पगडंडी के पास बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने घायल अंकित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर 8 सितंबर को बड़ोवाला क्षेत्र में बैंककर्मी सत्यम कुमार पर हुई जानलेवा फायरिंग के मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पटेलनगर कोतवाली में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी दोबारा किसी वारदात के इरादे से देहरादून आए हैं।
एसपी सिटी देहरादून प्रमोद कुमार ने बताया कि सूचना के आधार पर पटेलनगर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। गोरखपुर चौक के पास पुलिस टीम ने बिना नंबर की संदिग्ध मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही दोनों बाइक तेजी से दौड़ाकर प्रेमनगर की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो दोनों चाय बागान की पगडंडी पर बाइक छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायर किया, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी।
पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घायल बदमाश को दबोच लिया। उसकी पहचान अंकित चौहान पुत्र ध्रुव नारायण, निवासी सोसायटी रोड लक्सर, केशव नगर, हरिद्वार, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। वहीं उसका साथी अंकुर पुत्र ब्रह्मपाल, निवासी लोको मोहल्ला पीर वाली गली, लक्सर, हरिद्वार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस द्वारा जंगल में लगातार कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में अंकित चौहान ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी मुलाकात रानीपुर हरिद्वार निवासी मोहित से हुई थी। मोहित ने उसकी पहचान अपनी महिला मित्र मालिया रहमान से कराई थी। पुलिस के मुताबिक, मालिया ने अंकित को बताया कि वर्ष 2020 में उज्जीवन बैंक हरिद्वार में नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात सत्यम कुमार से हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहे, लेकिन बाद में सत्यम ने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली।
आरोप है कि इसके बाद मोहित और मालिया ने सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए अंकित से संपर्क किया और इसके एवज में पांच लाख रुपये देने का सौदा तय हुआ। अंकित के मुताबिक उसे एडवांस के तौर पर 1.20 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि बाकी रकम काम पूरा होने के बाद मिलनी थी। मालिया ने ही उसे सत्यम की फोटो और देहरादून स्थित उज्जीवन बैंक कार्यालय की जानकारी उपलब्ध कराई थी।
8 सितंबर को अंकित अपने साथी अंकुर के साथ देहरादून पहुंचा और बैंक के बाहर सत्यम के आने का इंतजार करने लगा। शाम करीब 7:45 बजे सत्यम बैंक से बाहर निकला तो दोनों ने बाइक से उसका पीछा किया। बड़ोवाला क्षेत्र में सुनसान स्थान पर बाइक उसकी स्कूटी के आगे लगाकर उस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया गया। गोली लगने से सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी तो दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस से बचने के लिए दोनों पहले दिल्ली और फिर हरियाणा चले गए। पुलिस के अनुसार, बची हुई सुपारी की रकम लेने के लिए मोहित के कहने पर दोनों दोबारा देहरादून पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस की चेकिंग में घिर गए।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने अंकित चौहान के कब्जे से 315 बोर का देसी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, अंकित पूर्व में भी आपराधिक घटनाओं में जेल जा चुका है।
फरार अंकुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही जंगल क्षेत्र में सर्च और कॉम्बिंग अभियान चला रही हैं। पुलिस अब इस पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।



