“वायरल वीडियो में फायरिंग के दावे पर सफाई, बोले—माधोपुर में नहीं चली एक भी गोली..
प्रेस वार्ता में एक पक्ष ने आरोपों को बताया भ्रामक, छत पर दिख रहे पाइप को हथियार बताकर प्रचारित करने का दावा..

पंच👊नामा
रुड़की; माधोपुर हजरतपुर गांव में दो दिन पहले हुए विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को और गरमा दिया है। वीडियो के आधार पर कुछ लोगों की ओर से छत पर खड़े व्यक्तियों द्वारा फायरिंग किए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, अब दूसरे पक्ष ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।
प्रेस वार्ता में संबंधित पक्ष ने कहा कि घटनास्थल पर किसी प्रकार की गोलीबारी नहीं हुई थी। उनका आरोप है कि विवाद को अलग रंग देने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो को भ्रामक दावे के साथ प्रसारित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गांव में विकास कार्यों को लेकर उनका प्रधान पक्ष के कुछ लोगों से करीब एक वर्ष से विवाद चला आ रहा है। कथित अनियमितताओं और विकास कार्यों को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही तनातनी बनी हुई थी। इसी विवाद के बीच दो दिन पहले हुए घटनाक्रम के बाद मामला एक बार फिर सामने आया।
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान कुछ लोग उनके घर की ओर पहुंचे थे। परिवार के सदस्य सुरक्षा की दृष्टि से घर की छत पर चले गए। इस दौरान भीड़ को दूर रखने और लोगों को डराने के लिए पाइप का इस्तेमाल किया गया था। उनका दावा है कि इसी पाइप को वीडियो में हथियार बताकर फायरिंग की कहानी बनाई जा रही है।
संबंधित पक्ष ने स्पष्ट किया कि उनके पास कोई तमंचा या अन्य हथियार नहीं था और न ही मौके पर कोई गोली चली। उनका कहना है कि वायरल वीडियो को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है, जिससे वास्तविक घटना को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वायरल वीडियो की भी जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाने की मांग की है। फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
वायरल वीडियो की सत्यता, घटनास्थल की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।



