
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान को लेकर भाजपा पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता अखिलेश यादव के बयान को समझने के लिए संविधान की बुनियादी समझ विकसित करें। नौ सेकंड की वीडियो क्लिप के आधार पर हंगामा करने वाले भाजपा नेता अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
सिद्दीकी ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान चुनाव के समय गरीबों और मजदूरों को घुसपैठिया बताकर बांटने की भाजपा की राजनीति पर व्यंग्य था। एसआइआर के नाम पर मतदाताओं के वोट काटने के आरोप लगाते हुए उन्होंने सवाल किया कि यदि देश में इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठिए हैं तो सरकार उनके खिलाफ क्या कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत देश में नागरिकों को प्राप्त अधिकारों के बीच भाजपा नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना घुसपैठ कैसे हो सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देते हुए कहा कि पौड़ी गढ़वाल में जन्मे योगी उत्तर प्रदेश में सांसद और मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो दूसरे राज्यों के नागरिकों को बाहरी बताने का आधार क्या है?
उत्तराखंड से सपा के जुड़ाव का किया उल्लेख…..
सिद्दीकी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन की प्रक्रिया में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने दावा किया कि केदारनाथ आपदा के दौरान अखिलेश यादव ने 380 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। वहीं, अंकिता भंडारी प्रकरण में सांसद डिंपल यादव ने संसद में मुद्दा उठाने के साथ पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव धार्मिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए भी हरिद्वार आते रहे हैं।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप….
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, युवाओं पर लाठीचार्ज और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर जनता को निराशा मिली है। उन्होंने जोशीमठ भूधंसाव और अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सिद्दीकी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो, विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण और महिला सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन जैसी योजनाएं सपा सरकार के विकास कार्यों के उदाहरण हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की नफरत की राजनीति से जनता का मोहभंग हो रहा है और 2027 में उत्तराखंड में समाजवादी पार्टी विकास के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करेगी।



