हरिद्वार

“बीएसएम की करोड़ो की संपत्ति पर संग्राम.! पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एसआईटी जांच की मांग, धरनारत लोगो की चेतावनी, बोले- वोट की चोट से देंगे जवाब..

सातवें दिन भी परशुराम भवन में डटे प्रदर्शनकारी, संस्थान को सरकार के अधिकार क्षेत्र में लेने और रिसीवर बैठाने की मांग के साथ आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी..

खबर को सुनें

पंच👊नामा
रुड़की; बीएसएम शिक्षण संस्थान की संपत्ति और उसके स्वामित्व को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। संस्थान को ब्राह्मण समाज की संपत्ति बताते हुए हरिद्वार रोड स्थित परशुराम भवन में चल रहा धरना सातवें दिन भी जारी रहा। इस बीच धरने पर बैठे लोगों ने पत्रकार वार्ता कर संस्थान प्रबंधन की ओर से लगाए गए ब्लैकमेलिंग और निराधार आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने संस्थान की करीब 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति पर समाज का अधिकार जताते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एसआईटी जांच कराने, जांच पूरी होने तक संस्थान में रिसीवर नियुक्त करने और संपत्ति को सरकार के अधिकार क्षेत्र में लेने की मांग उठाई।पत्रकार वार्ता में सम्राट सुधा ने आरोप लगाया कि बीएसएम शिक्षण संस्थान की स्थापना वर्ष 1934 में ब्राह्मण समाज ने समाज के शैक्षिक उत्थान के उद्देश्य से की थी, लेकिन बाद में एक परिवार के लोगों ने संस्थान पर कब्जा कर बीएसएम चैरिटेबल ट्रस्ट बना लिया। उन्होंने दावा किया कि समाज के पास ऐसे तमाम दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे संस्थान की करीब 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति पर ब्राह्मण समाज का अधिकार साबित होता है। उन्होंने कहा कि बीएसएम चैरिटेबल ट्रस्ट की वैधता भी जांच का विषय है और इसकी निष्पक्ष एसआईटी जांच होनी चाहिए।सम्राट सुधा ने भाजपा में शामिल हुए संस्थान से जुड़े लोगों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग कांग्रेस छोड़कर भाजपा में केवल अपने खिलाफ चल रही शिकायतों को बंद कराने के उद्देश्य से गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति संस्थान के मामले में आवाज उठाता है, उसका उत्पीड़न कराया जाता है और विरोध करने वालों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच नहीं कराई गई तो ब्राह्मण समाज भाजपा को वोट नहीं देगा।उन्होंने परशुराम भवन की संपत्ति को लेकर भी आशंका जताई। आरोप लगाया कि जिस तरह बीएसएम संस्थान को ट्रस्ट के माध्यम से अपने नियंत्रण में लिया गया, उसी तरह परशुराम भूमि को भी ट्रस्ट बनाकर कब्जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संस्थान का संचालन रिसीवर के माध्यम से कराया जाए।वहीं सतीश शर्मा ने संस्थान प्रबंधन की ओर से उन्हें फर्जी अध्यक्ष बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष चुना था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसएम को हाल ही में विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया में करीब 70 प्रतिशत दस्तावेज फर्जी लगाए गए हैं। उन्होंने संस्थान प्रबंधन से सवाल किया कि यदि अब तक 51 जांच हो चुकी हैं और सभी में उन्हें क्लीन चिट मिली है तो उन जांचों से संबंधित दस्तावेज और प्रमाण सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किसी निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच के निष्कर्ष समाज के सामने नहीं आए हैं।इस दौरान बिट्टू शर्मा ने संस्थान प्रबंधन की ओर से धरनारत लोगों को ब्लैकमेलर बताए जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि ब्लैकमेलर को हर कोई ब्लैकमेलर ही दिखाई देता है। उन्होंने दो टूक कहा कि बीएसएम संस्थान समाज की संपत्ति है और इसे समाज को ही सौंपना होगा। उनकी मांग है कि सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर संपत्ति और संस्थान के संचालन को लेकर पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे।गौरतलब है कि इससे पहले बीएसएम शिक्षण संस्थान के निदेशक रजनीश शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर धरने पर बैठे लोगों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए थे। प्रबंधन की ओर से दावा किया गया था कि इस प्रकरण में अब तक 51 जांच हो चुकी हैं और सभी में धरनारत लोगों के आरोप निराधार पाए गए हैं। साथ ही सतीश शर्मा को भारतीय ब्राह्मण समाज का अध्यक्ष मानने से भी इनकार किया गया था।अब संस्थान प्रबंधन के आरोपों के जवाब में धरनारत लोगों ने उसे आमने-सामने बैठकर सार्वजनिक वार्ता करने की चुनौती दी है। उनका कहना है कि वे अपने सभी दस्तावेज और साक्ष्य सार्वजनिक करने को तैयार हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है,

जबकि विवाद के समाधान के लिए अब सरकार की भूमिका और निष्पक्ष जांच की मांग पर निगाहें टिकी हैं। पत्रकार वार्ता में डॉ. अनीता शर्मा, मनोज शर्मा, बिट्टू शर्मा, दीपक शर्मा, मास्टर बिजेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, राजकुमार दुखी और विनय शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!