उत्तरप्रदेश

“बेबी शो: नन्हे-मुन्नों का बसंतोत्स, आया वसंत, खिली नव पल्लव, मधु-मधु गूँज उठा उपवन..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
दयालबाग: आया वसंत, खिली नव पल्लव, मधु-मधु गूँज उठा उपवन—इन्हीं भावों के बीच दयालबाग में बसंतोत्सव अत्यंत उल्लास, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर इस महोत्सव में विविध कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से दयालबागवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है। इसी क्रम में मंगलवार प्रातः सत्संग की कर्मभूमि खेतों पर आयोजित बेबी शो ने पूरे परिसर को बालसुलभ आनंद, मुस्कान और उमंग से भर दिया। बेबी शो की परंपरा रा.धा./धः स्वामी मत के छठे संत, सतगुरु परम गुरु हुज़ूर मेहता जी महाराज के काल से निरंतर चली आ रही है। इस आयोजन का उद्देश्य शिशु अवस्था से ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति अभिभावकों को जागरूक करना तथा उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता, लचीलापन और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना रहा है। छह दशकों से अधिक की इस यात्रा में समयानुसार प्रतियोगिता के स्वरूप भले बदले हों, किंतु इसकी मूल भावना और उद्देश्य सदैव समान बने रहे हैं।

पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी बेबी शो दो चरणों में संपन्न हुआ। प्रथम चरण में आध्यात्मिक सौंदर्य, बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित प्रतियोगिताएँ 21 दिसंबर 2025 को पी.वी. प्राइमरी स्कूल के सुसज्जित प्रांगण में आयोजित की गईं, जिनमें दयालबाग में स्थायी रूप से निवास करने वाले तीन सप्ताह से आठ वर्ष आयु वर्ग के 34 बालक एवं 39 बालिकाएँ, कुल 73 बच्चों ने सहभागिता की। दूसरे चरण में 3 जनवरी 2026 को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें 14 बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ परम पूज्य हुज़ूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब एवं ममतामयी रानी साहिबा की पावन उपस्थिति में प्रार्थना के साथ हुआ। इसके उपरांत फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के विजेता बच्चों की प्रस्तुतियाँ, नर्सरी स्कूल के नन्हे-मुन्नों के पाठ तथा प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राओं की सुमधुर कव्वाली ने वातावरण को उल्लास और आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

बेबी शो की विभिन्न प्रतियोगिताओं का स्नेहपूर्ण मूल्यांकन विशिष्ट योग्यताओं से युक्त निर्णायकों द्वारा किया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू भटनागर (सरन आश्रम अस्पताल) ने बच्चों के शारीरिक विकास, स्वास्थ्य संकेतकों और समग्र देखभाल से जुड़े मानकों पर प्रकाश डाला। सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं वर्तमान में डे-बोर्डिंग स्कूल, दयालबाग की प्रभारी प्रो. विभा सत्संगी ने बुद्धिमत्ता से संबंधित मानकों की जानकारी दी, जबकि डीईआई के मनोविज्ञान विभाग की सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं एमेरिटस प्रोफेसर प्रो. इरा दास ने आध्यात्मिक सौंदर्य के अंतर्गत बच्चों की भाव-भंगिमा, सरलता, आंतरिक सौम्यता और संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया। सभी निर्णायकों ने प्रतियोगिता के निर्धारित मानकों की जानकारी देते हुए बच्चों की तैयारी की सराहना की और अभिभावकों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के समापन पर खेतों में उपस्थित सभी प्रतिभागियों, व्यवस्थापकों, निर्णायकों और अतिथियों को परम पूज्य हुज़ूर की पावन उपस्थिति में प्रसाद वितरित किया गया। सेवाकार्य में संलग्न भाई-बहनों ने आयोजन का आनंद लिया, वहीं देश-विदेश के सत्संगी भाई-बहन ऑनलाइन कैस्कैड के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे। इस अवसर पर लाखों सत्संगियों की ऑनलाइन-ऑफलाइन सहभागिता दर्ज की गई तथा देश-विदेश के लगभग 580 केंद्रों पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया।

बेबी शो 2026 के परिणामों में समूह ‘ए’ (3 सप्ताह से 1 वर्ष) में प्रथम निश्चल सत्संगी व चेतन वर्मा, द्वितीय वान्या कालरा व नूर धारा तथा तृतीय दृष्टि यादव रहीं। ग्रुप ‘बी’ (1 से 2 वर्ष) में प्रथम प्रेम सारंग सत्संगी व आलेख सत्संगी, द्वितीय अमी दास व दिव्यांश सत्संगी तथा तृतीय बिहंग व दर्शन न्यारी रहे। ग्रुप ‘सी’ (2 से 4 वर्ष) में प्रथम साध दयाल शर्मा, द्वितीय आरोही चौधरी तथा तृतीय अवयुक्त सिंह, भक्ति प्रिया व भाग सत्संगी रहे। ग्रुप ‘डी’ (4 से 6 वर्ष) में प्रथम धुन सत्संगी, द्वितीय शब्द ऋषि तथा तृतीय गुरु सरना सत्संगी, रौनक सत्संगी व माही यादव रहे। समूह ‘ई’ (6 से 8 वर्ष) में प्रथम समा सिंह व दयाल अनुपमा न्यारी, द्वितीय अगम सत्संगी व परमी धुन अमोली तथा तृतीय गुरु प्रीति सत्संगी रहीं।फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता 2026 में ग्रुप ‘बी’ (1 से 2 वर्ष) में आरत सत्संगी (दयालबाग—फूल, ‘डेयालबाग वे ऑफ लाइफ’) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ग्रुप ‘सी’ (2 से 4 वर्ष) में प्रथम मान्या सत्संगी (परी), द्वितीय उमंग सत्संगी (मोर) व ज्योति सत्संगी (परी), तृतीय अमृत सत्संगी (प्रकृति को बचाएं) तथा सांत्वना अलख सत्संगी (सत्संगी भाई) रहे। ग्रुप ‘डी’ (4 से 6 वर्ष) में प्रथम सुधि संत बानी (परम गुरु हुज़ूर मेहता जी महाराज के बचन), द्वितीय आदित्य (संत कबीर दास जी) तथा तृतीय नज़र सत्संगी (तितली) रहे। समूह ‘ई’ (6 से 8 वर्ष) में प्रथम सुमति शर्मा (फार्मेसी), द्वितीय सहज शर्मा (आंवला) व वेद प्रकाश गुप्ता (भगवान कृष्ण), तृतीय संस्कृति सिंह (दयालबाग मोरिंगा पेड़) तथा सांत्वना नूर केशवर (सूक्ष्म जगत-स्थूल जगत) को मिला।।कुल मिलाकर दयालबाग का यह बेबी शो नन्हे-मुन्नों की प्रतिभा, संस्कार और उल्लास का जीवंत उत्सव बनकर उभरा, जिसने बसंतोत्सव को और भी रंगीन, स्मरणीय और प्रेरणादायी बना दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!