
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; कांवड़ मेले की भारी भीड़ के बीच हरिद्वार पुलिस ने चोरी की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की टिहरी विस्थापित कॉलोनी में बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले आरोपियों तक पुलिस सीसीटीवी फुटेज और लगातार की गई छानबीन के जरिए पहुंची।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवरात बेचकर हासिल किए गए पांच लाख रुपये की नगदी, घटना में प्रयुक्त टैम्पो, पुलिस कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में चोरी समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर टिहरी विस्थापित कॉलोनी में हुई चोरी की घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रानीपुर पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई, जबकि सीआईयू हरिद्वार को तकनीकी सहयोग और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
रानीपुर प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी और एसओजी प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास रहने और काम करने वाले लोगों से पूछताछ की गई और क्षेत्र में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी दौरान पुलिस के हाथ घटना में इस्तेमाल किए गए एक टैम्पो का सुराग लगा। टैम्पो के परमिट नंबर और उसकी गतिविधियों को ट्रेस करते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीमों ने आरोपी और टैम्पो की तलाश में हरिद्वार जनपद के साथ-साथ दूसरे जनपदों में भी दबिश दी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि घटना में प्रयुक्त टैम्पो बीएचईएल की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस ने बीएचईएल स्टेडियम के पास सुरेश्वरी देवी मंदिर जाने वाले तिराहे पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान नीले रंग के टैम्पो को रोककर उसमें सवार संदिग्ध अक्षय उर्फ गोलू पुत्र होशियार सिंह निवासी टांडा माईदास, थाना नगीना, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश को दबोच लिया गया।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से मृतक राजेन्द्र पाल के नाम का पुलिस कार्ड बरामद हुआ। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टैम्पो को भी कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। पूछताछ में अक्षय ने पुलिस को बताया कि उसके साथी सोनू सैनी और सोनू शर्मा के साथ मिलकर उसने 29 जुलाई की रात टिहरी विस्थापित कॉलोनी में चोरी की थी।
अक्षय की निशानदेही पर पुलिस टीम ने रावली महदूद, डैन्सो चौक के पास एटीएम के सामने वाली गली में स्थित मकान पर दबिश दी। यहां से उसके दोनों साथी सोनू सैनी पुत्र सतीश सैनी निवासी टीबड़ी, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर और सोनू शर्मा पुत्र रोहताश शर्मा निवासी धामपुर जयत्रा, थाना धामपुर, जिला बिजनौर, हाल निवासी शिवनगर, जयन्तीपुर रोड, सीमापुर ब्रह्मपुरी, थाना कटघर, मुरादाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि 29 जुलाई की शाम शराब पीने के बाद उन्होंने बंद मकानों में चोरी करने की योजना बनाई थी। इसके बाद तीनों टैम्पो से टिहरी विस्थापित कॉलोनी पहुंचे। गली नंबर ए-20 में एक मकान पर ताला लगा और घर की लाइटें बंद देखकर उन्होंने पहले वहां चोरी का प्रयास किया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद पास के दूसरे मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी का ताला तोड़कर सोने के जेवरात चोरी कर लिए।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए जेवरात को उन्होंने अगले ही दिन धामपुर में एक चलते-फिरते व्यापारी को पांच लाख रुपये में बेच दिया था। इसी रकम को आपस में बांटने के लिए तीनों आरोपी अक्षय के कमरे पर एकत्र हुए थे, जहां पुलिस ने दबिश देकर उन्हें दबोच लिया।पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
अक्षय उर्फ गोलू के खिलाफ सिडकुल हरिद्वार और कोटद्वार में चोरी समेत तीन मुकदमे दर्ज हैं। सोनू सैनी के खिलाफ धामपुर, नगीना, बिजनौर और कोटद्वार में चोरी, नकबजनी व शस्त्र अधिनियम समेत सात मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सोनू शर्मा के खिलाफ धामपुर थाने में चोरी, नकबजनी और शस्त्र अधिनियम से संबंधित तीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में सुसंगत धाराओं की वृद्धि करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी, एसएसआई नन्दकिशोर ग्वाडी, चरण सिंह चौहान (प्रभारी चौकी गैस प्लांट), उपनिरीक्षक राहुल थापा, अ0उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल, कांस्टेबल करम तोमर, कांस्टेबल गम्भीर तोमर, कांस्टेबल प्रेम दानू, कांस्टेबल वीरेन्द्र जोशी, कांस्टेबल विजयपाल, कांस्टेबल दिग्पाल सिंह, कांस्टेबल अर्जुन रावत
कांस्टेबल गिरेन्द्र सिंह समेत सीआईयू टीम से निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट (प्रभारी) व कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।



