
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; राजकीय महिला अस्पताल परिसर में पीपीपी मोड पर संचालित मातृ एवं शिशु अस्पताल में नियुक्तियों की पड़ताल और कर्मचारियों के सत्यापन की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोपी विक्की उर्फ़ बादशाह के खिलाफ न सिर्फ कई मुकदमें दर्ज हैं, बल्कि शहर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर निकला। कंपनी ने उसे अस्पताल में सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंप दी।
फिलहाल पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कंपनी को उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं थी या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़े संवेदनशील अस्पताल में ऐसी नियुक्ति किसकी मंजूरी से हुई, यह भी जांच का विषय है।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में संविदा पर कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने सुपरवाइजर विक्की गुप्ता के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सुपरवाइजर शराब के नशे में महिला कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच करता है और अभद्र व्यवहार करता है। इतना ही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने वाली महिला मरीजों के साथ भी उसके आपत्तिजनक व्यवहार की शिकायत सामने आई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो आरोपित का आपराधिक इतिहास सामने आया। उसकी पहचान विकास गुप्ता उर्फ विक्की उर्फ बादशाह के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपित के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह शहर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िताओं को कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।



