
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; राजधानी में चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने की फिराक में पहुंचे हरिद्वार के दो शातिर बदमाशों का सामना देर रात पुलिस से हो गया। चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर भागे बदमाशों ने पीछा कर रही पुलिस टीम पर गोलियां बरसा दीं। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों को दबोचकर अस्पताल पहुंचाया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान रुड़की निवासी शमीम और शहजाद के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर जनपद में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में पटेलनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि पिछले दिनों पटेलनगर और विकासनगर क्षेत्र में चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाश दोबारा देहरादून पहुंचे हैं। ये बदमाश बंद मकानों की रेकी कर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं।
एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि बीती देर रात सूचना के आधार पर पटेलनगर पुलिस ने नया गांव क्षेत्र में रामगढ़ पेट्रोल पंप के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान सिंहनीवाला की ओर से आ रही संदिग्ध मोटरसाइकिल को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार दोनों युवक पुलिस को देखकर तेजी से भाग निकले।
पुलिस टीम ने कंट्रोल रूम के माध्यम से अन्य थानों को सूचना देते हुए बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया। भुड़पुर की ओर भागते समय बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिससे सरकारी वाहन का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा जारी रखा। इसी दौरान कच्चे रास्ते पर बदमाशों की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। दोनों आरोपी बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे और पुलिस टीम पर दोबारा फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों की पहचान शमीम पुत्र इलियास (35 वर्ष), निवासी बड़ी मस्जिद के पास रामपुर, थाना गंगनहर, हरिद्वार और शहजाद पुत्र इकलाख (40 वर्ष), निवासी कब्रिस्तान के पास रामपुर, रुड़की, हरिद्वार के रूप में हुई है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों बदमाशों ने पुलिस से बचने के लिए अपनी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल पर टैक्सी की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। दोनों पहले भी पटेलनगर और विकासनगर क्षेत्र में शाम के समय बंद मकानों की रेकी कर चोरी और नकबजनी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। चोरी का माल हरिद्वार के एक स्थानीय व्यक्ति को बेचने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, वारदातों को अंजाम देने के इरादे से दोनों एक बार फिर देहरादून पहुंचे थे।
शमीम पर 15 तो शहजाद पर दर्ज हैं 9 मुकदमे…...
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। शमीम के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 15 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं शहजाद के खिलाफ चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 9 मुकदमे पंजीकृत हैं। दोनों के खिलाफ वर्ष 2026 में पटेलनगर क्षेत्र में दर्ज चोरी के तीन मुकदमों में भी नाम सामने आया है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, छह खोखा कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट लगी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मामले में दोनों के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब चोरी और नकबजनी की अन्य वारदातों में दोनों की संलिप्तता के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वाले स्थानीय व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।



