“सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के विरोध में सड़क पर उतरे सर्राफा व्यापारी, किया विरोध-प्रदर्शन..
स्वर्णकार आयोग गठन की मांग, निर्णय वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी, पीएम मोदी को भेजा ज्ञापन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: सोने पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के प्रस्तावित फैसले के विरोध में ज्वेलर्स एसोसिएशन हरिद्वार के बैनर तले सर्राफा व्यापारियों ने ज्वालापुर स्थित श्रीराम चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर निर्णय वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान स्वर्णकार आयोग के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज मित्तल और महामंत्री गौरव मेसोन ने कहा कि सरकार को सर्राफा कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है और ऐसे समय में आयात शुल्क में भारी वृद्धि व्यापारियों के लिए बड़ा झटका साबित होगी। उनका कहना था कि एकतरफा फैसलों से छोटे और मझोले कारोबारियों की कमर टूट जाएगी।
नीरज मित्तल ने कहा कि सर्राफा व्यापारी पहले से विभिन्न प्रकार के टैक्स अदा कर रहे हैं। अब आयात शुल्क बढ़ने से सोने के दामों में और तेजी आएगी, जिसका सीधा असर ग्राहकों और कारोबार दोनों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच आम उपभोक्ता पहले ही खरीदारी से दूरी बना रहा है। ऐसे में यह फैसला व्यापार को और अधिक प्रभावित करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो व्यापारी प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
व्यापारी नेता अश्वनी गोयल, अशोक दलजीत सिंह और कैश खुराना ने कहा कि सरकार को सर्राफा कारोबारियों के साथ बैठक कर उनकी राय जाननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना चर्चा किए लिए गए फैसले व्यापारिक हितों के खिलाफ हैं। व्यापारियों ने मांग की कि सोने पर आयात शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए और मंदी से जूझ रहे सर्राफा कारोबारियों के लिए राहत पैकेज घोषित किया जाए। साथ ही स्वर्णकार समाज और सर्राफा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्वर्णकार आयोग का गठन किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में अनिल कुमार, गगन मेसोन, हरविंदर सिंह, रवि वर्मा, राम वर्मा, अभिषेक अग्रवाल, अवनीश जिंदल, मनोज मित्तल, निपुण मित्तल, नितिन शिंदे, शलभ सिंगल समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।



