“मेट्रो अस्पताल में सजा मेडिकल महाकुंभ—दिल और डायबिटीज पर देशभर के दिग्गज डॉक्टरों का मंथन, नई तकनीकों से इलाज को मिली नई दिशा, (देखें वीडियो)..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। मेट्रो अस्पताल एवं हृदय संस्थान और पीसीएमए डॉक्टर एसोसिएशन ने सोमवार को एक भव्य सीएमई (कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सम्मेलन में हृदय रोग और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के आधुनिक उपचार, नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।
मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के चेयरमैन पद्मश्री व पद्म विभूषण डॉ. पुरुषोत्तम लाल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमओ हरिद्वार डॉ. आर.के. सिंह ने की। मुख्य अतिथि आईएमए हरिद्वार के अध्यक्ष डॉ. विपिन मेहरा रहे। विशिष्ट अतिथियों में आईएमए सचिव डॉ. प्रेम लुथरा, मेरठ स्थित विद इंटरनेशनल स्कूल शिवाया के अध्यक्ष अजीत कुमार, पूर्व श्रम आयुक्त एस.सी. आर्या,
आईटीसी हरिद्वार के एचआर हेड अल्ताफ हुसैन, उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री रमेश प्रजापति शामिल रहे। सभी अतिथियों ने ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को चिकित्सकों के लिए उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।
मेट्रो अस्पताल के यूनिट हेड डॉ. अरशद इकबाल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों और शोध से अवगत कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण हृदय रोग और मधुमेह तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में डॉक्टरों का अपडेट रहना बेहद जरूरी है।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज बोहरा ने हृदय रोगों के दैनिक प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांस फूलना, सीने में दर्द और उच्च रक्तचाप जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय रहते जांच और उपचार से गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।
सीनियर कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. नवीन चावला ने ‘इमरजेंसी इन डायबिटीज’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि देश में तेजी से बढ़ रही मधुमेह की समस्या गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति में डायबिटीज का खतरा है, इसलिए नियमित जांच, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह का पालन जरूरी है, ताकि जटिलताओं से बचा जा सके।
कार्यक्रम में मेट्रो ग्रुप के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ जैन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एन.के. राणा, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विमल, डॉ. गौरव गुप्ता, जे.पी. जोएल, डॉ. कमल सिंह, भरत भूषण, डॉ. इसरार समेत विभिन्न अस्पतालों के 300 से अधिक चिकित्सक और गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में विशेषज्ञों ने ऐसे सीएमई कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।



