
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून/काशीपुर: उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशीपुर से अवैध हथियारों के जखीरे का पर्दाफाश किया है। देर रात हुई संयुक्त कार्रवाई में एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार, 237 जिंदा कारतूस, चार मैगजीन और सात कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए। मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ कप्तान अजय सिंह के निर्देश पर राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्तराखंड एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार में भारी मात्रा में हथियार होने की गोपनीय सूचना मिलने पर टीम ने घेराबंदी कर वाहन को कब्जे में लिया और तलाशी के दौरान उसमें से एक 12 बोर पम्प एक्शन गन, एक .22 बोर सेमी ऑटोमैटिक राइफल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर रिवॉल्वर, चार मैगजीन व 237 जिंदा कारतूस बरामद किए।
एसटीएफ द्वारा पहले ही बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में ट्रांसफर होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मुकदमे की विवेचना के क्रम में यह कार्रवाई की गई। बरामद हथियार, कारतूस, फर्जी लाइसेंस और स्विफ्ट कार संख्या UK18P-5046 नामजद आरोपी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल पुत्रगण राकेश अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल पत्नी सौरभ अग्रवाल निवासी काशीपुर से संबंधित बताए जा रहे हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। उत्तराखंड पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज कर पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और पांच अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर हथियार रखने वालों पर एसटीएफ की नजर है और ऐसे लोग अभी भी अपने हथियार पुलिस के समक्ष सरेंडर कर सकते हैं।
एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं। सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। कार्रवाई करने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, कांस्टेबल मोहित वर्मा और कांस्टेबल सोनू पांडे शामिल रहे।



