
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वाले ई-रिक्शा चालकों पर परिवहन विभाग का शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा खुद आम यात्री बनकर सड़कों पर उतरे और अलग-अलग मार्गों पर ई-रिक्शाओं में सफर किया। इस दौरान ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के तीन मामले पकड़ में आए, जिनमें संबंधित तीनों ई-रिक्शाओं को मौके पर ही सीज कर दिया गया। कार्रवाई से ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप मच गया।
एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने सबसे पहले ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक दो यात्रियों के साथ ई-रिक्शा में सफर किया। सामान्य तौर पर करीब 20 रुपये किराया होने के बावजूद चालक ने 50 रुपये वसूल लिए। यात्रियों के आर्थिक शोषण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ई-रिक्शा को तत्काल सीज कर दिया गया।
इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक यात्रा के दौरान एक अन्य चालक ने लगभग 30 रुपये के स्थान पर 150 रुपये की मांग कर दी। चारधाम यात्रियों से कई गुना अधिक किराया वसूलने के इस मामले में भी परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ई-रिक्शा को सीज कर दिया।
तीसरे मामले में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान चालक न केवल निर्धारित से अधिक किराया वसूलता मिला, बल्कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी कर रहा था। यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ को गंभीर मानते हुए विभाग ने इस ई-रिक्शा को भी सीज कर दिया।
एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार ई-रिक्शा द्वारा सभी सवारियों से मिलाकर अधिकतम 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा सकता है, लेकिन कुछ चालक चारधाम यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से कई गुना अधिक धनराशि वसूलकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं। औचक जांच में पकड़े गए तीनों मामलों में निर्धारित मानकों से कहीं अधिक किराया वसूला जा रहा था।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मनमाना किराया वसूलने, ओवरलोडिंग करने अथवा अन्य अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ ने बताया कि जनपद के परिवहन एवं प्रवर्तन अधिकारियों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर नियमित औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान चलाए जाएंगे। ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग और यात्रियों के आर्थिक शोषण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने आमजन और चारधाम यात्रियों से अपील की कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आज की कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा संचालकों में खलबली का माहौल रहा। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की जेब पर डाका डालने वालों और सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


