अपराधहरिद्वार

“32 लाख की धोखाधड़ी में फरार पांच हजार के इनामी को मुरादाबाद से दबोच लाई पुलिस..

सिडकुल की फैक्ट्री से कच्चा माल खरीद कर मुरादाबाद में बेचा, एसएसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; सिडकुल क्षेत्र की एक कंपनी से लाखों रुपये का कच्चा माल लेकर फर्जीवाड़ा करने वाला शातिर आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। करीब एक साल से ठिकाने बदल-बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी को सिडकुल पुलिस ने मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर करीब 32.23 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में जुटी हुई है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर फरार व इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत इस मामले को गंभीरता से लिया गया। एसएसपी के निर्देशन में पुलिस टीम लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।थाना प्रभारी अजय शाह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए और मोबाइल सर्विलांस की मदद से मुरादाबाद में दबिश दी। आखिरकार आरोपी विकास कुमार को एएमसी लकड़ी फैक्ट्री के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में सिडकुल स्थित स्वास्तिक प्रिंटर एंड पैक के प्रोपराइटर अक्षत जैन ने थाना सिडकुल में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि मुरादाबाद निवासी विकास कुमार ने खुद को एजी एंटरप्राइजेज का प्रोपराइटर बताकर करीब 40.48 लाख रुपये का प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग से जुड़ा कच्चा माल खरीदा। उसने शुरुआती भुगतान के रूप में 8.25 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जमा किए, जबकि शेष राशि के लिए दिए गए चेक बैंक से बाउंस हो गए।जांच के दौरान जब कंपनी के प्रतिनिधि आरोपी द्वारा बताए गए पते पर पहुंचे तो वहां इस नाम की कोई फर्म संचालित नहीं मिली। इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर 32.23 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी लगातार फरार रहा, जिसके चलते उस पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विकास कुमार, निवासी हिमगिरी बसेड़ा कॉलोनी, हरथला सोनकपुर, थाना सिविल लाइन, मुरादाबाद है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि मामले में फरार उसके दूसरे साथी की तलाश में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक इंद्रजीत सिंह राणा व हेडकांस्टेबल जितेंद्र मलिक ने अहम भूमिका निभाई।

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