“गुम हुआ मासूम… मिनटों में एक्टिव हुई कलियर पुलिस, चंद घंटों में परिजनों को लौटा दिया बेटा..
पहले के अनुभव से सतर्क पुलिस ने बिना देर किए एक्टिव किया नेटवर्क, रैन बसेरा के पास मिला 8 वर्षीय अरसान..

पंच👊नामा
पिरान कलियर; पहले बच्चों के गुम होने की घटनाओं से सबक ले चुकी कलियर पुलिस ने एक बार फिर “दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है” कहावत को चरितार्थ कर दिखाया। आठ वर्षीय मासूम के गुम होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरा नेटवर्क सक्रिय कर दिया और चंद घंटों के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई।
प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी के निर्देश पर सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। दरगाह क्षेत्र, नहर पटरी, रिक्शा स्टैंड, रैन बसेरा समेत सभी संभावित स्थानों पर पुलिस टीमों को रवाना किया गया। साथ ही क्षेत्र में मौजूद पुलिस नेटवर्क को भी अलर्ट कर बच्चे की तलाश तेज कर दी गई, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले उसे सुरक्षित ढूंढ़ा जा सके।
एसएसआई राजेश बिष्ट के नेतृत्व में डे ऑफिसर, चेतक पुलिसकर्मी, प्राइवेट टीम और थाने की महिला पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया। लगातार की गई तलाश के दौरान गुमशुदा 8 वर्षीय अरसान रैन बसेरा के पास सकुशल मिल गया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित थाने लाकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, अजरा पत्नी जाने आलम, निवासी इस्लामनगर, जनपद बदायूं (उत्तर प्रदेश), रविवार को अपने परिवार के साथ पिरान कलियर दरगाह जियारत के लिए आई थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे उनका आठ वर्षीय पुत्र अरसान अचानक बिना बताए कहीं चला गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर उन्होंने थाना कलियर पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही कलियर पुलिस ने बिना समय गंवाए व्यापक स्तर पर खोज अभियान शुरू किया। पुलिस की तत्परता और सुनियोजित कार्रवाई का ही परिणाम रहा कि मासूम कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद हो गया और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका टल गई।
अपने बेटे को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और कलियर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। एक बार फिर कलियर पुलिस ने यह संदेश दिया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में वह किसी भी तरह की लापरवाही के बजाय तत्काल और प्रभावी कार्रवाई को प्राथमिकता देती है।



