“खड़गे की रैली में जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसें रोके जाने पर भड़के कांग्रेसी, एसएसपी के कार्यालय में घुसकर काटा हंगामा..
एसएसपी पर भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप, कार्यालय से गायब हुए मंजूनाथ टीसी..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हल्द्वानी; कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में प्रस्तावित रैली से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बसें रोके जाने को लेकर शनिवार को सियासी माहौल गरमा गया। बसों को रोके जाने से नाराज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व
में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा समेत बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता नैनीताल के एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए हंगामा किया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि पुलिस प्रशासन जानबूझकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रैली में पहुंचने से रोक रहा है। इससे रैली को प्रभावित करने और उसे फ्लॉप करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेसियों ने नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी पर सीधे तौर पर भाजपा सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
हंगामे के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बताया गया कि विरोध बढ़ने से पहले ही एसएसपी मंजूनाथ टीसी कार्यालय से चले गए। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
गोदियाल बोले- सरकार के दबाव में काम न करें अधिकारी…..
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली में पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं की बसों को रोककर प्रशासन लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार के दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों को इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। अधिकारियों ने संविधान की शपथ ली है और उन्हें किसी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं, बल्कि संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए।
गोदियाल ने चेतावनी दी कि सत्ता हमेशा किसी एक के पास नहीं रहती। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार के दबाव में ऐसा कोई काम न करें कि भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर उन्हें जवाब देना मुश्किल हो जाए।
आर्य ने कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास…..
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रैली में जाने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के कार्यक्रम में जाने से लोगों को रोकना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
आर्य ने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से अपना कार्यक्रम कर रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं की बसें रोककर अनावश्यक रूप से माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष होकर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
इधर, एसएसपी कार्यालय में कांग्रेसियों के धरने और नारेबाजी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी पहुंचने से पहले हुए इस घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस ने मामले में पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है, जबकि पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।



