“हरिद्वार नगरनिगम भूमि घोटाले में कानूनगो पर क्यों मेहरबानी.? सुराज सेवादल ने डीएम से मांगा तत्काल निलंबन, आंदोलन की चेतावनी..

पंच👊नामा-ब्यूरो
नैनीताल; हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सुराज सेवा दल ने वर्तमान में नैनीताल में तैनात कानूनगो रमेश चंद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी नैनीताल को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल निलंबन, निष्पक्ष विभागीय जांच और सतर्कता (विजिलेंस) जांच रिपोर्ट तलब किए जाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनपद नैनीताल में लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने ज्ञापन में कहा कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण अब केवल प्रशासनिक अनियमितता का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह उत्तराखंड सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति की परीक्षा बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में कार्यरत जिलाधिकारी को निलंबित किया,
कई वरिष्ठ अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की व एक आईएएस अधिकारी के विरुद्ध सेवा से बर्खास्तगी तक की संस्तुति की, लेकिन कानूनगो रमेश चंद के मामले में अब तक समान कठोरता दिखाई नहीं गई। उनका कहना है कि विवादित भूमि से जुड़ी राजस्व प्रक्रिया, स्थल निरीक्षण और रिपोर्टिंग में कानूनगो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हरिद्वार में हुई जांच के बाद मामला राजस्व परिषद पहुंचा, जहां परिषद ने स्पष्ट किया कि कानूनगो के नियुक्ति एवं अनुशासनात्मक प्राधिकारी संबंधित जिलाधिकारी हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस पूरे प्रकरण की सतर्कता (विजिलेंस) जांच पूरी हो चुकी है। संगठन ने जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट तलब कर उसका परीक्षण करने और यदि उसमें कानूनगो की भूमिका पर प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज हों तो तत्काल निलंबन सहित आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
साथ ही यह दावा भी किया गया है कि कानूनगो के विरुद्ध विभागीय जांच पहले से लंबित है, ऐसे में उन्हें सेवा में बनाए रखना निष्पक्ष जांच की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता। ज्ञापन में एक डिप्टी कलेक्टर के साथ उनके लगातार विभिन्न जनपदों में स्थानांतरण पर भी सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
सुराज सेवा दल ने मांग की है कि कानूनगो रमेश चंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, विजिलेंस जांच रिपोर्ट का परीक्षण कराया जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें किसी भी संवेदनशील राजस्व दायित्व से दूर रखा जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में नैनीताल में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की निष्क्रियता पर होगी।



