
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: कांवड़ मेले के दौरान एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। रायवाला क्षेत्र में मैक्स वाहन की टक्कर से घायल हुए एक कांवड़िये की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए गंगनहर में फेंकने का आरोप है।
कई दिनों तक गुमशुदगी की गुत्थी बनी यह घटना आखिरकार सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच से खुल गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतक के शव की तलाश जारी है।
रायवाला कोतवाली पुलिस ने कांवड़िये को वाहन से टक्कर मारने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रुड़की के पास गंगनहर में फेंकने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त मैक्स वाहन भी बरामद कर लिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि आरोपी रविंद्र नेगी और सौरभ पंवार को गिरफ्तार किया गया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब हरियाणा के झज्जर निवासी दीपक राठी ने अपने पिता प्रदीप राठी (54) की गुमशुदगी दर्ज कराई।
जांच में सामने आया कि 26 जुलाई की सुबह रायवाला के वन डिपो के पास एक मैक्स वाहन ने दो कांवड़ियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में राजस्थान निवासी सत्यनारायण की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे घायल की पहचान बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रदीप राठी के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रविंद्र नेगी ने स्वीकार किया कि वाहन चलाते समय उसे झपकी आ गई, जिससे हादसा हुआ। आरोप है कि एक कांवड़िया सड़क पर गिर गया, जबकि प्रदीप राठी वाहन में फंसकर कुछ दूर तक घिसटते रहे। आरोपी उन्हें अस्पताल ले जाने निकला, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने अपने मौसेरे भाई सौरभ पंवार को बुलाया। दोनों ने शव को प्लास्टिक की तिरपाल में लपेटा और रुड़की के आसफनगर झाल के आगे गंगनहर में फेंक दिया, ताकि घटना का कोई सुबूत न बचे। पुलिस अब प्रदीप राठी के शव की तलाश में गंगनहर क्षेत्र में सर्च अभियान चला रही है। मामले ने कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा और सड़क हादसों के बाद साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर अपराधों पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



