‘भ्रष्टाचार बंद करो’ के नारों के बीच सचिवालय कूच, सुराज सेवा दल के कार्यकर्ता गिरफ्तार..
रमेश जोशी समेत सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर भेजा गया पुलिस लाइन, आंदोलन जारी रखने का ऐलान..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून; उत्तराखंड में लंबित विजिलेंस जांचों, भ्रष्टाचार के आरोपियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में कथित देरी को लेकर गुरुवार को सुराज सेवा दल का आंदोलन उस समय हाई प्रोफाइल हो गया,
जब सचिवालय के बाहर प्रस्तावित भूख हड़ताल से पहले ही पुलिस ने संगठन के कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी पुलिस को चकमा देकर सचिवालय पहुंच गए और वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
बाद में उन्हें कैंट थाने ले जाया गया, जबकि प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल समेत अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया, जहां जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल भूख हड़ताल पर बैठ गए।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता भ्रष्टाचार, माफियागिरी और सत्ता के कथित संरक्षण से त्रस्त है। उनका कहना था कि वर्षों से लंबित विजिलेंस जांचों को निष्कर्ष तक न पहुंचाना जनता के साथ धोखा है।
उन्होंने मांग की कि सभी लंबित विजिलेंस जांचों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, भ्रष्टाचार के आरोपियों और माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो और गृह विभाग अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपनी भूमिका स्पष्ट करे।
गुरुवार सुबह सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय में एकत्र हुए, जहां आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठन ने प्रदेश में विजिलेंस जांचों में हो रही देरी, भ्रष्टाचार के आरोपियों व माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई न होने
और गृह विभाग की कथित मौन सहमति के विरोध में सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल का कार्यक्रम तय किया था। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से सचिवालय के लिए रवाना हुए।
कार्यालय के बाहर पुलिस ने घेराबंदी कर कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी पुलिस को चकमा देते हुए सचिवालय पहुंच गए और वहां सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
कुछ ही देर बाद प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सचिवालय पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने रमेश जोशी को हिरासत में लेकर कैंट थाने भेज दिया, जबकि देवेन्द्र सिंह बिष्ट, सुमित अग्रवाल और अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन ले जाया गया।
पुलिस लाइन पहुंचने के बाद जिलाध्यक्ष सुमित अग्रवाल भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह लड़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। उनका आरोप था कि विजिलेंस जांचों को वर्षों तक लंबित रखकर दोषियों को बचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि लंबित जांचों का निष्कर्ष आखिर कब आएगा और भ्रष्टाचार के आरोपियों पर कार्रवाई कब होगी।
प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज को पुलिस बल के जरिए दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन सुराज सेवा दल पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और जब तक मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।
सुराज सेवा दल ने मांग की कि प्रदेश में लंबित सभी विजिलेंस जांचों का निष्कर्ष तत्काल सार्वजनिक किया जाए, भ्रष्टाचार के आरोपियों एवं माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और गृह विभाग अपनी भूमिका स्पष्ट करे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक बनाया जाएगा।
इस दौरान रमेश जोशी, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, सुमित अग्रवाल, कमल धामी, कावेरी जोशी, अमित अग्रवाल, राजेश थापा, वीरेंद्र सिंह, हिमांशु धामी, नवीन, मोनू, दिव्यांश, पूजा नेगी, संगीता, मोनिका, नसरीन, सुमन, लक्ष्मी और गीता सहित बड़ी संख्या में सुराज सेवा दल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।



