“आस्था का महासैलाब… हरिद्वार हुआ शिवमय.! करोड़ों कांवड़िए रवाना, मुफ्त इलाज और सुरक्षा का बना नया रिकॉर्ड..
आठवें दिन 39.15 लाख शिवभक्तों ने भरा गंगाजल, अब तक 2.19 करोड़ श्रद्धालु रवाना; नारसन बॉर्डर पर DM मयूर दीक्षित और SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने संभाली कमान..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। हरिद्वार में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ रहा है कि हर ओर “बोल बम” के जयघोष गूंज रहे हैं। गुरुवार को कांवड़ मेले के आठवें दिन अकेले 39 लाख 15 हजार शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए,
जबकि अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। दूसरी ओर भारी बारिश के बावजूद प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखने में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार शिवभक्तों को निशुल्क उपचार उपलब्ध करा रहा है।
जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने गुरुवार को भारी वर्षा के बीच नारसन बॉर्डर पहुंचकर कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, चेक पोस्ट, डायवर्जन व्यवस्था, भंडारों और सेवा शिविरों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार 10 फीट चौड़ाई और 12 फीट ऊंचाई से अधिक आकार की कांवड़ व मानकों के विपरीत संचालित डीजे को जनपद की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे सभी डीजे और कांवड़ों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक वाहन और डीजे की सघन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
भारी बारिश के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कांवड़ यात्रियों और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नारसन बॉर्डर से हरिद्वार तक पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
कांवड़ मेले के नोडल अधिकारी व एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार कांवड़ यात्रा के आठवें दिन 39 लाख 15 हजार श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। यात्रा प्रारंभ होने से अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगातार जुटे हुए हैं।
उधर, स्वास्थ्य विभाग भी कांवड़ियों की सेवा में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देशन में कांवड़ पटरी मार्ग सहित 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। गुरुवार को आठवें दिन 20,850 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार किया गया, जबकि अब तक 1 लाख 8 हजार 417 श्रद्धालुओं को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
पहली बार कांवड़ यात्रा में 5 मेडिकल मोबाइल यूनिट भी संचालित की गई हैं, जो यात्रा मार्ग पर जरूरतमंद श्रद्धालुओं तक तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, समय-समय पर विश्राम करने व किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।
पुलिस और जिला प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही उपयोग करें, यातायात नियमों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, मानकों के अनुरूप ही कांवड़ और डीजे लेकर यात्रा करें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन का सहयोग लें। सभी के सहयोग से ही कांवड़ यात्रा सुरक्षित, सुचारु और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकेगी।



