“हरिद्वार में पत्रकारों से भिड़ा विवादित हिंदूवादी नेता ललित शर्मा, पत्नी पर गाली देने का आरोप, जमकर हंगामा…
पिरान कलियर को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने पर चार दिन पहले दर्ज हुआ था मुकदमा, कांवड़ मेले में कौन खराब कर रहा हरिद्वार का माहौल..?

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: बुर्के में गंगाजल ले जा रही कन्वर्ट हिन्दू महिलाओं का स्वागत करने हरिद्वार पहुंचे विवादित हिंदूवादी नेता ललित शर्मा और उसकी पत्नी का हरिद्वार में पत्रकारों से विवाद हो गया। बाइट लेने के दौरान ललित शर्मा ने पत्रकारों को धक्का दे दिया। जबकि उसकी पत्नी ने तो हद ही पार कर दी। आरोप है कि पत्नी ने एक पत्रकार को गाली तक दे डाली।
जिस पर हंगामा खड़ा हो गया। गुस्साए पत्रकारों ने पलटवार करते हुए ललित और उसकी पत्नी को खरी-खोटी सुनाई। इतना ही नहीं, पत्रकारों ने पूरे मामले की कवरेज से जुड़ी वीडियो भी अपने-अपने मोबाइल फोन और कैमरों से डिलीट कर दी। जिसका नतीजा यह हुआ कि एक कालनेमी के संरक्षण में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर मशहूर होने के लिए रचे गए ड्रामे की हवा निकल गई।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बहिष्कार के चलते कालनेमी और उसके गैंग को कावड़ मेले के बीच इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जगह नहीं मिल सकी। लेकिन सवाल यह है कि पिरान कलियर पर अमर्यादित टिप्पणी करने पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन के बाद जिस विवादित नेता के खिलाफ चार दिन पहले ही मुकदमा दर्ज हुआ हो, ऐसे व्यक्ति को कावड़ मेले के दौरान हरिद्वार बुलाकर आखिर कौन असामाजिक तत्व जनपद की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने का प्रयास कर रहा है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी एक बुर्काधारी महिला से यज्ञ कराने पर धर्मशाला प्रबंधन में आरोपी कालनेमी और उसके गैंग को बाहर का रास्ता दिखाया था। देशभर से ऐसे व्यक्तियों को चुन-चुन कर हरिद्वार बुलाने वाला एक कालनेमी सस्ती लोकप्रियता और प्रोपेगैंडा को फलीभूत कर राजनीतिक व आर्थिक फायदा उठाने के चक्कर में हरिद्वार का माहौल खराब करने में जुटा है, पिछले दिनों हरिद्वार बुलाए गए एक हिन्दू बच्चे के हत्यारोपी व कथित एक्स मुस्लिम ने हरकी पैड़ी को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर दी थी।
ताजा मामला विवादित नेता ललित शर्मा व उसकी पत्नी का पत्रकारों से विवाद के रूप में सामने आया है। राजनीति की चादर उतार कर संत का चोला पहनने वाले कालनेमी की ऐसी हरकतों से धर्मनगरी के अलग-अलग वर्गों में धीरे-धीरे आक्रोश पनप रहा है। देखने वाली बात यह है कि पुलिस प्रशासन ऐसे तत्वों नकेल कसता है, या फिर किसी बड़े विवाद या घटना को होने दिया जाएगा।



