“थकान के चलते बेटी को पिकअप में बैठाना पड़ा भारी, कुछ ही देर में मां से बिछड़ गई 5 साल की नंदिनी..
बदहवास मां की गुहार सुन दौड़ी हरिद्वार पुलिस, बहादराबाद से हाईवे तक चलाए गए सघन सर्च अभियान के बाद मां-बेटी का कराया भावुक मिलन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार; कांवड़ मेले की भारी भीड़ और लगातार पैदल यात्रा की थकान के बीच एक मां की छोटी-सी चूक पलभर में उसकी सबसे बड़ी चिंता बन गई।
पांच वर्षीय बेटी चलते-चलते कांवड़ियों की पिकअप में बैठ गई और वाहन आगे निकल गया। बेटी से बिछड़ने के बाद मां बदहवास होकर रोने लगी, लेकिन हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता ने कुछ ही देर में मां-बेटी का मिलन करा दिया।
कांवड़ मेला ड्यूटी के दौरान मंगलवार को सेक्टर-61 में तैनात सेक्टर ऑफिसर उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज को बहादराबाद बायपास पर एक कांवड़िए महिला सुनीता पत्नी मुरारी लाल, निवासी खुर्जा मिली।
महिला ने बताया कि अत्यधिक थकान के कारण उसने अपनी पांच वर्षीय बेटी नंदिनी को राह चलते एक पिकअप कांवड़ वाहन में बैठा दिया था, लेकिन वाहन आगे निकल गया और वह पीछे छूट गई। महिला के पास न तो वाहन का नंबर था और न ही उसमें सवार कांवड़ियों का कोई संपर्क।
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने तत्काल कंट्रोल रूम को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया, जिसके बाद सूचना सभी संबंधित पुलिस ग्रुपों में प्रसारित की गई। इसके साथ ही महिला को सरकारी वाहन में बैठाकर बहादराबाद बायपास, कोर कॉलेज, टोल प्लाजा और आगे हाईवे पर चल रहे व खड़े सभी पिकअप कांवड़ वाहनों की सघन तलाश शुरू की गई।
लगातार खोजबीन के दौरान साईं मंदिर के पास एक पिकअप कांवड़ वाहन में पांच वर्षीय नंदिनी सकुशल मिल गई। बच्ची को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द किया गया।
बेटी को सामने देखते ही मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उसने हरिद्वार पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।
पुलिस ने मां-बेटी को सकुशल उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया। कांवड़ मेले की भीड़ के बीच हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा के साथ-साथ मानवता निभाने में भी पुलिस पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही है।



