
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: रात के घने कोहरे को अपनी ढाल बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले शातिरों को आखिरकार सिडकुल पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया। दुस्साहस की हद तो तब पार हुई, जब चोरों ने उत्तराखंड पुलिस में तैनात एक कांस्टेबल के घर को ही निशाना बना डाला। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और मैनुअल पुलिसिंग ने महज दो दिन में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के सख्त निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सिडकुल पुलिस ने इस सनसनीखेज नकबजनी का पर्दाफाश किया। थाना सिडकुल क्षेत्र के नवोदय नगर स्थित बद्री विशाल पुरम कॉलोनी निवासी कांस्टेबल महेंद्र कुमार के घर अज्ञात चोरों ने ताले तोड़कर टीवी, वाशिंग मशीन, लैपटॉप, इनवर्टर, बैटरी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया था। पीड़ित उस समय ड्यूटी के सिलसिले में बाहर थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली सिडकुल प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और मैनुअल पुलिसिंग का शानदार उदाहरण पेश करते हुए हर्षिता कॉलोनी क्षेत्र से चार संदिग्धों को दबोच लिया। पूछताछ और बरामदगी के बाद साफ हो गया कि यही शातिर चोरी की वारदात में शामिल थे।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने करीब ₹1.75 लाख कीमत का चोरी का माल बरामद किया, जिसमें वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी, लैपटॉप, इनवर्टर, बैटरी और ₹86,000 नकद शामिल है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में राकेश और भोले कुख्यात हिस्ट्रीशीटर निकले, जिनके खिलाफ पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार और बिजनौर जनपदों में नकबजनी, चोरी, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों— कुशल पाल, राकेश, भोले और पवन (निवासी सदादपुर, थाना बढ़ापुर, जिला बिजनौर)—को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी कर ली है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना सिडकुल पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें थाना अध्यक्ष नितेश शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर, उपनिरीक्षक बबलू चौहान, हेड कांस्टेबल जितेंद्र मलिक, संजय, देशराज, कांस्टेबल गजेंद्र, कुलदीप, कुलदीप डिमरी, हरि सिंह व रिपेन्द्र सहित कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।



