अपराधहरिद्वार

“मेरा मामा टीटी है” कहकर मजदूरों को ठगने वाले गिरोह के दो शातिरों 1100 किलोमीटर दूर बिहार से दबोच लाई जीआरपी..

जीआरपी हरिद्वार की बड़ी सफलता, अब तक चार आरोपी हो चुके गिरफ्तार, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: रेलवे स्टेशन पर मजदूरों को झांसे में लेकर ठगी करने वाले गिरोह के दो शातिरों को जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने करीब 1100 किलोमीटर दूर बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी यात्रियों को स्लीपर या वातानुकूलित तीन श्रेणी में पक्की सीट दिलाने का झांसा देकर मोबाइल फोन, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी लेकर रकम निकाल लेते थे। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।जीआरपी पुलिस अधीक्षक Aruna Bharti के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बिहार के Sitamarhi जिले के सिरसिया बाजार से राजेश कुमार और विपिन कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से पीड़ित का मोबाइल फोन और सिम बरामद हुआ। इससे पहले गिरोह के सदस्य रामकिशोर यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब तक इस प्रकरण में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।जांच में सामने आया कि आरोपी रेलवे स्टेशन Haridwar पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाले मजदूर वर्ग के लोगों को निशाना बनाते थे। ठग खुद को रेलवे कर्मचारी का रिश्तेदार बताकर कहते थे कि उनका “मामा टीटी है” और वह सामान्य टिकट को स्लीपर या वातानुकूलित तीन श्रेणी में पक्का करा देंगे। इसके बाद हिंदी में प्रपत्र भरने के बहाने मोबाइल फोन, आधार कार्ड और गुप्त अंक हासिल कर लेते थे। बाद में मोबाइल और सिम का इस्तेमाल कर मोबाइल भुगतान प्रणाली के माध्यम से बैंक खाते से रकम निकाल लेते थे।इस मामले में फैजाबाद निवासी मनोज कुमार तिवारी ने 24 जनवरी 2026 को जीआरपी में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को हरिद्वार से घर लौटते समय ठगों ने आरक्षण पक्का कराने का झांसा देकर मोबाइल फोन, आधार कार्ड और गुप्त अंक ले लिए। कुछ दिन बाद बैंक जाने पर खाते से 60,500 रुपये निकलने का पता चला। इसके बाद जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।बैंक खातों की जानकारी और कॉल विवरण के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची। उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने सीतामढ़ी में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि एक आरोपी चोरी किए गए मोबाइल में दूसरे सिम का प्रयोग करता था, जबकि दूसरा आरोपी पीड़ित के सिम से मोबाइल भुगतान के जरिए रकम निकालता था।पकड़े गए आरोपी…..
1- राजेश कुमार पुत्र स्वर्गीय भिखारी चौरसिया, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 14 सिरसिया बाजार, थाना बेला, जिला सीतामढ़ी (बिहार)।
2- विपिन कुमार महतो पुत्र राज किशोर महतो, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 6 सिरसिया बाजार, थाना बेला, जिला सीतामढ़ी (बिहार)।बरामदगी…..
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पुलिस टीम…..प्रभारी जीआरपी बिपिन चंद्र पाठक,
उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार,
कांस्टेबल जितेंद्र पांचाल,
कांस्टेबल अंकुर सिंह,
कांस्टेबल संदीप राणा,
कांस्टेबल करुणेश सिंह (एसओजी जीआरपी),
कांस्टेबल दीपक चौधरी (एसओजी जीआरपी)।
पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने टीम के कार्य की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। लगातार कार्रवाई से रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अपराधियों में डर का माहौल बनने लगा है।इस कारण पकड़ से दूर रहते थे शातिर…..
आरोपित बेहद शातिर तरीके से ठगी को अंजाम देते थे। वे कैमरों से बचते हुए वारदात करते थे और ऑनलाइन लेनदेन के लिए चोरी के मोबाइल व सिम का इस्तेमाल करते थे। घटना के बाद मोबाइल और सिम फेंक देते थे, जिससे उनकी पहचान तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।इंस्पेक्टर बिपिन चन्द्र पाठक ने बताया कि गिरोह खासतौर पर बिहार, झारखंड, फैजाबाद और गोरखपुर क्षेत्र के लोगों को निशाना बनाता था। स्थानीय बोली में बातचीत कर वे जल्दी ही भरोसा जीत लेते थे और ठगी को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य एक स्थान पर अधिकतम 5 से 7 दिन ही ठहरते थे। इसके बाद दूसरी टीम को सूचना देकर स्थान बदल लेते थे, जिससे पीड़ित या पुलिस उनके ठिकाने तक नहीं पहुंच पाती थी। लगातार स्थान बदलने और तकनीकी सावधानी के कारण लंबे समय तक यह गिरोह पुलिस की पकड़ से दूर रहा। हालांकि जीआरपी हरिद्वार ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैन्युअल पुलिसिंग के संयोजन से गिरोह की गतिविधियों का सुराग लगाया और आखिरकार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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