“पटवारी पर कार्रवाई की मांग तेज, तीन दिन में कदम न उठाने पर भूख हड़ताल की चेतावनी..
सुराज सेवादल ने लगाए गंभीर आरोप, लंबे समय से एक ही जनपद में तैनाती पर भी उठाए सवाल..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार में तैनात एक पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुराज सेवा दल ने जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में नाम आने के बावजूद संबंधित पटवारी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। साथ ही तीन दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
सुराज सेवा दल की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि जनपद में तैनात एक पटवारी के खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो चुका है। आरोप है कि कुछ समय पहले वकीलों के साथ अभद्रता का मामला भी सामने आया था, जिसमें भी मुकदमा दर्ज हुआ था।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर निगम से जुड़े करीब 56 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। इस प्रकरण में दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी को निलंबित किया गया था, जबकि एक जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और उप जिलाधिकारी पर भी कार्रवाई हुई थी।
संगठन का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में मुख्य भूमिका निभाने वाले राजस्व विभाग के कुछ कर्मियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खासतौर पर एक पटवारी को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि गंभीर आरोपों और मुकदमों के बावजूद उसे न तो निलंबित किया गया और न ही जनपद से बाहर स्थानांतरित किया गया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि संबंधित पटवारी पिछले 20–25 वर्षों से हरिद्वार में ही तैनात है। अगर पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई और मामले सामने आ सकते हैं। संगठन का दावा है कि पूर्व में राजस्व परिषद की ओर से भी संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
सुराज सेवा दल ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास और प्रदेश के अन्य जनपदों में भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।



